
नई दिल्ली/ रांची : झारखंड के खूंटी जिले की बहुप्रतीक्षित खूंटी बाईपास और तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक प्रस्तावित राष्ट्रीय उच्च पथ-20 (फोरलेन) परियोजना को जल्द शुरू कराने की मांग एक बार फिर उठी है। भारतीय जनता पार्टी के खूंटी जिलाध्यक्ष आनंद कुमार और वार्ड पार्षद अनूप साहू ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने का आग्रह किया।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि यह परियोजना लंबे समय से स्वीकृत होने के बावजूद भूमि अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया के कारण आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने कहा कि परियोजना के पूरा होने से खूंटी सहित आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और विकास को नई गति मिलेगी।
एनएच-20 फोरलेन परियोजना में भूमि अधिग्रहण बना बड़ी चुनौती
आनंद कुमार के अनुसार, भारत सरकार ने 22 अगस्त 2024 को परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित राजपत्र अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद भी राज्य स्तर पर अधिग्रहण की प्रक्रिया अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लंबे समय से लंबित परियोजना का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।
तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक बनेगी 31.31 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क
प्रस्तावित परियोजना के तहत तुपुदाना से कुंदीबारटोली तक 31.31 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इसी परियोजना में खूंटी बाइपास का निर्माण भी शामिल है। इस सड़क परियोजना को 15 मार्च 2024 को 1907.31 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना पूरी होने के बाद राजधानी रांची और खूंटी के बीच यातायात अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
10 मार्च 2026 को हुआ था परियोजना का शिलान्यास
भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 10 मार्च 2026 को खूंटी बाइपास सहित लगभग 2500 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। हालांकि शिलान्यास के बाद भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इसी कारण परियोजना की प्रगति को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
171.6 हेक्टेयर भूमि का होना है अधिग्रहण
परियोजना के लिए कुल 156.6 हेक्टेयर निजी भूमि और 15 हेक्टेयर वन भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद ही निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी। भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आए और परियोजना निर्धारित समय में धरातल पर उतर सके।
परियोजना से क्षेत्र को होंगे कई लाभ
खूंटी बाईपास और एनएच-20 फोरलेन परियोजना के पूरा होने से भारी वाहनों का दबाव शहर के भीतर कम होने की संभावना है। साथ ही रांची, खूंटी और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


