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Cyber Crime: फ्रेंचाइजी के नाम पर व्यापारी से ठगे 6.85 लाख रुपये, साईबर गैंग ने ऐसे लगाया चूना

Google पर फ्रेंचाइजी खोजी, साइबर ठगों के जाल में फंसे व्यापारी,रजिस्ट्रेशन से साइट विजिट तक वसूले लाखों, फ्रेंचाइजी का सपना दिखाकर व्यापारी से साइबर ठगी

by Kanchan Kumar
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​रांची : राजधानी रांची के दलादली इलाके से एक अलग ढंग के साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां ‘ग्रामीण फूड मार्ट’ नाम से दुकान चलाने वाले संदीप किशोर कुजूर अपने कारोबार को बढ़ाना चाहते थे। इसी चक्कर में वे साइबर अपराधियों के बिछाए जाल में फंस गए और उन्हें कुल 6.85 लाख रुपये का बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।

​गूगल सर्च से शुरू हुआ ठगी का खेल

पीड़ित संदीप ने अपने व्यापार के विस्तार के लिए इंटरनेट पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘ब्लिंकिट’ की फ्रेंचाइजी लेने की खोजबीन की। सर्च के दौरान मिले एक लिंक पर क्लिक करते ही उनके पास अशोक अग्रवाल नाम के शख्स का कॉल आया। उसने खुद को कंपनी का सीनियर अधिकारी सीआरएम बताया और बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा दिया।

​कागजात मंगवाने के बाद शुरू हुआ वसूली का सिलसिला

जालसाजों ने संदीप से ईमेल के जरिए आवेदन फॉर्म भरवाया। साथ ही पहचान पत्र, पैन कार्ड, फोटो और शैक्षणिक कागजात मांग लिए। सबसे पहले रजिस्ट्रेशन के नाम पर 25 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। इसके बाद संजय मिश्रा नाम के एक अन्य आरोपी ने संपर्क किया। उसने ई-कॉमर्स सर्टिफिकेट और कंफर्मेशन लेटर के नाम पर 2.50 लाख रुपये ऐंठ लिए।

फिर अशोक अग्रवाल ने दोबारा संपर्क कर दुकान के सेटअप के नाम पर 2.65 लाख रुपये ले लिए। ​हर बार आरोपियों ने यही झांसा दिया कि काम पूरा होते ही सारा पैसा रिफंड कर दिया जाएगा। पीड़ित ने भरोसा करके अपने और अपनी पत्नी के बैंक खातों से पैसे भेज दिए।

​साइट विजिट के नाम पर अंतिम दांव

इसके बाद लॉजिस्टिक्स विभाग का अफसर बताकर निखिल गुप्ता नाम के तीसरे ठग की एंट्री हुई। उसने दुकान की साइट विजिट और ऑनलाइन लाइव करने के नाम पर 1.45 लाख रुपये और ऐंठ लिए। आरोपी बार-बार कहते रहे-बस यह आखिरी पेमेंट है, इसके बाद कोई पैसा नहीं लगेगा।

​तारीख पर तारीख और फिर नंबर बंद

आरोपियों ने 28 जुलाई को दुकान का निरीक्षण करने का वादा किया, लेकिन कोई नहीं आया। फिर 4 अगस्त की नई तारीख दी गई, पर उस दिन भी कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद जब पीड़ित ने संपर्क करने की कोशिश की, तो आरोपियों के फोन स्विच ऑफ मिले और उनका दिया ईमेल आईडी भी फर्जी निकला।
​ठगी का एहसास होते ही पीड़ित संदीप कुजूर ने रांची के साइबर अपराध थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है।

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