
रांची : झारखंड की राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन जोर पकड़ता नजर आ रहा है। प्रदर्शनकारी झारखंड विधानसभा में घुस गए हैं। यह प्रदर्शनकारी खेतों के रास्ते विधान सभा परिसर में घुसे हैं। इसके लिए प्रदर्शनकारियों को 10 से अधिक बैरीकेडिंग तोड़नी पड़ी है। प्रदर्शनकारी गेट नंबर एक पर डटे हैं। भारी बारिश होने के बाद भी छात्र टस से मस नहीं हुए। बाद में पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया और विधानसभा परिसर से खदेड़ दिया। अब प्रदर्शनकारी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम वापस लौट रहे हैं।
दूसरी तरफ, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन पर जो आंसू गैस के गोले फेंके थे वह साल चार साल पुराने थे। यह गोले साल 2019 में बनाए गए थे और साल 2022 में एक्सपायर हो चुके थे। छात्रों का आरोप है कि आंसू गैस छोड़े जाने के बाद कई छात्रों के चेहरे और आंखों में जलन हो रही थी।

छात्रों पर रांची में लाठी चार्ज
हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे हैं। सड़कों पर जहां तक नजर जा रही है, वहां तक छात्रों का हुजूम दिखाई दे रहा है। चारों ओर छात्रों के नारों की गूंज सुनाई दे रही है। प्रदर्शनकारी छात्र हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर आगे बढ़ रहे हैं, जिन पर उनकी मांगें लिखी हुई हैं। छात्र नेता देवेंद्र महतो 8 दिन के अनशन के बाद आज एंबुलेंस से विधानसभा घेराव के लिए निकले हैं। छात्रों द्वारा एक के बाद एक बैरीकेडिंग तोड़ी गई। पुलिस माइक के जरिए छात्रों से बैरीकेडिंग नहीं तोड़ने की अपील लगातार की गई। पुलिस अधिकारी बराबर छात्रों को समझा रहे हैं कि वह उग्र नहीं हों और अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखें। बाद में कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने उन पर वाटर कैनन इस्तेमाल की है। बाद में छात्रों पर आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए हैं। दो बार आंसू गैस के गोले प्रदर्शनकारियों पर फेंके गए हैं।

वाटर कैनन का इस्तेमाल होने पर छात्र बैरीकेडिंग पर चढ़ गए और नाचने लगे
वाटर कैनन का इस्तेमाल होने पर छात्र बैरीकेडिंग पर चढ़ गए और नाचने लगे। इसके बाद प्रदर्शनकारी फिर आगे बढ़ने लगे। प्रदर्शनकारी अब विधानसभा से लगभग 100 मीटर दूर तक पहुंच गए हैं। अब उन्हें विधानसभा की तरफ आगे बढ़ने से रोकने के लिए उन्हें समझाया जा रहा है। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की सातवीं बैरीकेडिंग तोड़ दी है। छात्र योगदा कॉलेज से आगे बढ़ गए हैं। छात्र अलग-अलग गुट में बंट गए हैं। कई गुट कच्चे रास्तों से विधानसभा पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि कुछ छात्राओं ने पुलिस पर जूते-चप्पल फेंका है। इसी बीच पुलिस का लाठी चार्ज हुआ है। इससे अफरा-तफरी मच गई। छात्रों ने भी पथराव किया है। इस पथराव में एक पुलिस कर्मी घायल हो गया है। एक पुलिस कर्मी को छात्रों ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि लाठीचार्ज के बाद छात्र आक्रोशित हो गए हैं। लाठी चार्ज के बाद विधायकों के आवास के करीब काफी तनाव माहौल है।
‘छात्र आंदोलन में घुसे अराजक तत्व’, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने की कार्रवाई की मांग
छात्र प्रदर्शनकारियों के ‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान पुलिस की लाठीचार्ज और प्रदर्शनकारियों द्वारा चप्पल-बोतलें फेंके जाने पर छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि हम शांतिपूर्ण हैं। छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कुछ असामाजिक तत्व विरोध प्रदर्शन को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन हम छात्र अपनी मांग का समर्थन कर रहे हैं। हम प्रशासन से अपील करते हैं कि ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान करें, हमारे स्वयंसेवक भी उनकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो कैमरे की जांच की जाएगी और कार्रवाई की जाएगी। हम सभी छात्रों से अपील करते हैं कि अगर उन्हें अपने बीच कोई असामाजिक तत्व दिखे तो वे हमारे स्वयंसेवकों से संपर्क करें। हम इस विरोध प्रदर्शन को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अंत तक ले जाएंगे। मैं राज्य सरकार से भी विनम्र अपील करता हूं कि यह एक ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है, शाम तक भीड़ और बढ़ेगी। सरकार को इसे गंभीरता से लेना होगा और आज ही कोई निर्णय लेना होगा।

प्रदर्शनकारी छात्रों के विधानसभा की ओर बढ़ने के बीच सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि छात्रों को रोका नहीं गया है। वहीं, प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि कई स्थानों पर छात्रों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें रांची पहुंचने से रोका जा रहा है।
छात्रों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर विधानसभा तक पहुंचेंगे। इसी बीच प्रदर्शनकारियों ने पहली बैरिकेडिंग को तोड़ दिया है और अब वे नई विधानसभा की ओर आगे बढ़ रहे हैं। मौके पर छात्रों की भारी भीड़ जुटी हुई है और लगातार नारेबाजी की जा रही है।

झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन भी जारी है। रविवार को छात्रों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई, लेकिन छात्रों की प्रमुख मांगों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद छात्रों ने सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है।
जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग लांघी
जहां प्रदर्शकारी रोके गए हैं वहां से झारखंड हाई कोर्ट तक कुल पांच बैरिकेडिंग हैं। एक जगन्नाथपुर मंदिर के सामने प्रवेश द्वार के पास है। वहीं तक प्रदर्शकारी आ सकते हैं। दूसरी व तीसरी बैरिकेडिंग मंदिर के समानांतर साईं मंदिर, ऋषभ नगर की तरफ जाने वाले रास्ते के पास है। चौथी बैरिकेडिंग जगन्नाथनगर कॉलेज के सामने और पांचवी बैरिकेडिंग झारखंड हाई कोर्ट के पास है।
उधर, भाजपा नेताओं के समर्थन प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू सहित कई विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्हें खेलगांव ले जाया जा रहा है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो चुकी है, लेकिन विपक्ष अनुपस्थित रहा। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ मेहतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हुए। एक बैरिकेडिंग टूटा। छात्रों ने जगरनाथपुर सेक्टर-2 के पास पुलिस की तीन परत वाली बैरिकेडिंग लांघी, विधानसभा की ओर बढ़ा कूच।

प्रदर्शनकारी छात्र झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा को रद्द करने और नियुक्ति परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग पर कायम हैं। विधानसभा मार्च में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में छात्र राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे हैं।

छात्रों के विधानसभा घेराव के आह्वान को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। प्रशासन ने विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।

रांची विधानसभा घेराव को लेकर छह जगहों पर बैरिकेडिंग
सोमवार सुबह से ही विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस की तैनाती शुरू कर दी गई। प्रदर्शनकारियों को विधानसभा परिसर तक पहुंचने से रोकने के लिए रास्ते में छह स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। प्रमुख बैरिकेडिंग वाले स्थानों पर कंटीले तार भी लगाए गए हैं।

सुबह करीब सात बजे से ही पुलिस बल को अलग-अलग स्थानों पर तैनात कर दिया गया। विधानसभा की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और विधानसभा परिसर के आसपास स्थिति नियंत्रित रहे।
विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में प्रतिबंध
छात्रों के विधानसभा घेराव को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने नव-निर्मित विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है। इसके तहत निर्धारित क्षेत्र में भीड़ जुटाने और प्रदर्शन से संबंधित गतिविधियों पर प्रशासनिक प्रतिबंध लागू हैं।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत विधानसभा की ओर आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

तीसरे दौर की वार्ता भी रही बेनतीजा
छात्र प्रतिनिधियों और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के बीच रविवार को तीसरे दौर की वार्ता हुई थी। इस बैठक में आंदोलन समाप्त कराने और छात्रों की मांगों पर समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन दो प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी।
छात्रों की मुख्य मांगों में जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करना और नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच शामिल है। इन मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम जारी रखने का फैसला किया।

17वें दिन भी जारी है छात्र आंदोलन
झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं को लेकर शुरू हुआ छात्रों का आंदोलन सोमवार को 17वें दिन पहुंच गया है। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए।
छात्रों की बड़ी संख्या रांची पहुंच रही है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर मार्च करने की तैयारी में हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
विधानसभा मार्च पर पुलिस-प्रशासन की नजर
विधानसभा घेराव को लेकर रांची पुलिस और जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रमुख चौराहों और विधानसभा की ओर जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। बैरिकेडिंग के अलावा कंटीले तारों की व्यवस्था भी की गई है।
प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। छात्रों के मार्च को देखते हुए यातायात व्यवस्था पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है। शहर के विभिन्न हिस्सों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है।
छात्रों की दो प्रमुख मांगों पर अटका आंदोलन
छात्र आंदोलन के केंद्र में दो प्रमुख मांगें हैं। पहली मांग जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की है, जबकि दूसरी मांग नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की है। सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर के बावजूद इन दोनों मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी है। यही वजह है कि आंदोलन जारी है और सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा है। अब सबकी नजर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच आगे होने वाली बातचीत तथा विधानसभा मार्च के दौरान बनने वाली स्थिति पर है।
‘यह सरकार की विफलता’, विधायक जयराम महतो का सरकार पर हमला
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि यह सरकार की विफलता है। उन्हें परीक्षा रद करने की मांग मान लेनी चाहिए थी। सरकार ने कई मांगें मानी हैं, इसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद, लेकिन सबसे अहम मांग JSSC-CGL परीक्षा रद करने को लेकर है। इसमें सबसे ज़्यादा गड़बड़ियां हुई हैं। अभय तिवारी ने माना है कि उन्होंने लगभग 400 उम्मीदवारों का चयन करवाया।

विधानसभा घेराव में ‘पुष्पा भाऊ’ का अंदाज, बोले- झुकेगा नहीं झारखंड का छात्र
बॉलीवुड अभिनेता के चर्चित किरदार ‘पुष्पा राज’ के अंदाज में वायरल ‘पुष्पा भाऊ’ छात्रों के समर्थन में आंदोलन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक होने की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई।
‘पुष्पा भाऊ’ ने कहा कि छात्रों के लंबे समय से चल रहे आंदोलन को देखकर वह काफी आहत हुए और इसी वजह से उनके समर्थन में झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए कुछ प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जिस तरह की आपत्तिजनक भाषा और अश्लील टिप्पणियां सामने आने की बातें कही गई थीं, वैसा माहौल रांची में आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच देखने को नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सार्वजनिक रूप से चल रही हैं और पूरा देश उन्हें देख-सुन रहा है, लेकिन रांची में चल रहे आंदोलन की वास्तविक तस्वीर भी सामने है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों के पास पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए पर्याप्त संसाधन होते हैं। वहीं, गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के छात्र अपनी मेहनत, संघर्ष और उम्मीद के सहारे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा से पहले पेपर लीक हो जाने या परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी की खबर सामने आने से उनकी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
‘पुष्पा भाऊ’ ने कहा कि अमीर हो या गरीब, सभी का खून और शरीर एक समान है। इसलिए शिक्षा और रोजगार के अवसर भी सभी के लिए समान होने चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यवस्था में सुधार करने की मांग की।


