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PAK को अवैध तरीके से भेजी जा रही थीं दवाएं, ED ने तेलंगाना की फार्मा कंपनी की संपत्ति जब्त की

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित "ल्यूसेंट ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड" कंपनी पर पाकिस्तान को 18,000 किलोग्राम से अधिक ट्रामाडोल दवा अवैध रूप से निर्यात करने का आरोप है।

by Rakesh Pandey
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नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को तेलंगाना राज्य स्थित एक फार्मा कंपनी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी पांच करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की। इस कंपनी पर पाकिस्तान को अवैध रूप से दवाएं निर्यात करने का आरोप है। ईडी ने यह कार्रवाई धन शोधन निरोधक कानून (पीएमएलए) के तहत की है।

कंपनी पर आरोप:

तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में स्थित “ल्यूसेंट ड्रग्स प्राइवेट लिमिटेड” कंपनी पर पाकिस्तान को 18,000 किलोग्राम से अधिक ट्रामाडोल दवा अवैध रूप से निर्यात करने का आरोप है। ट्रामाडोल एक दर्द निवारक दवा है, जिसका उपयोग आमतौर पर चिकित्सकीय उपचार में होता है, लेकिन यह नशीली दवा के रूप में भी गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। ईडी ने बुधवार को इस मामले में पीएमएलए के तहत एक अंतरिम आदेश जारी किया, जिसके तहत कंपनी की संपत्तियों को जब्त किया गया है।

कुर्क की गई संपत्तियां:

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में कंपनी की जमीन, इमारत और फैक्ट्री परिसर शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 5.67 करोड़ रुपये है। इन संपत्तियों को जब्त करने के बाद अब यह फार्मा कम्पनी ईडी जांच के दायरे में है। कंपनी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध निर्यात मार्ग का खुलासा:

जांच में सामने आया कि इस कंपनी ने अस्वीकृति के बावजूद, तीसरे देशों के माध्यम से पाकिस्तान को अवैध रूप से बड़ी मात्रा में ट्रामाडोल निर्यात की। डेनमार्क स्थित “सीएचआर ओल्सन फार्मास्यूटिकल्स” के माध्यम से 13,800 किलोग्राम ट्रामाडोल का निर्यात किया गया, जिसकी कुल कीमत 4.12 करोड़ रुपये थी। वहीं, मलेशिया स्थित “एसएम बायोमेड” के माध्यम से 5,000 किलोग्राम ट्रामाडोल पाकिस्तान भेजी गई, जिसकी कीमत 1.33 करोड़ रुपये थी। इस अवैध निर्यात की गतिविधि तब सामने आई जब नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने इन शिपमेंट्स को अवैध रूप से चिह्नित किया और ईडी को इसके बारे में शिकायत दर्ज कराई।

ईडी की कार्रवाई:

ईडी ने मामले की गहन जांच के बाद अवैध गतिविधियों की पुष्टि की और कंपनी की संपत्तियों को जब्त किया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई है, जो अवैध धन के स्रोतों का पता लगाने और उन पर कार्रवाई करने के लिए बनाया गया है। ईडी ने कंपनी के निदेशकों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

ट्रामाडोल: एक जोखिमपूर्ण दवा

ट्रामाडोल एक प्रिस्क्रिप्शन आधारित ओपिओइड है, जिसे आमतौर पर मध्यम से गंभीर दर्द के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। हालांकि, इसका दुरुपयोग भी बहुत आम है, और कई देशों में इसे नशीली दवाओं के रूप में तस्करी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह दवा मानसिक और शारीरिक आदत का कारण बन सकती है और इसके दुरुपयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण कई देशों में ट्रामाडोल के निर्यात पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।

जांच जारी:

ईडी ने इस मामले में जांच के दायरे को और विस्तृत किया है और वह अवैध व्यापार में शामिल व्यापक नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। ईडी ने दवा कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे निर्यात नियमों का कड़ाई से पालन करें, खासकर उन दवाओं के मामले में जो नियंत्रित और प्रतिबंधित हैं। ईडी यह भी जांच रही है कि धन शोधन निरोधक कानून का उल्लंघन किस हद तक किया गया है, और यदि कंपनी के अन्य कार्यों में भी कोई अवैध गतिविधियां शामिल हैं।

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