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Chaibasa News : तमिलनाडु के कपड़ा मिल में बंधक बने 60 मजदूर लौटे

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर में स्थित आलिया मिल्स प्राइवेट लिमिटेड में बंधक बना कर रखे गए तक़रीबन 60 मजदूर किसी तरह मिल से भागकर शनिवार को चक्रधरपुर पहुंच गए हैं। ये सभी मजदुर एर्नाकुलम टाटा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर कई तरह की परेशानियों को झेलते हुए चक्रधरपुर स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पहुंचकर जो जानकारी मजदूरों ने दी है, वह बेहद चौंकाने वाली है।


मजदूरों ने बताया है कि उन्हें किसी भी तरह की झारखण्ड सरकार की मदद तक नहीं मिली। वे किसी तरह तमिलनाडू के आलिया मिल्स से भाग निकलने में सफल रहे। उन्हें कंपनी के द्वारा उनकी मजदूरी भी नहीं दी गई थी। वे किसी तरह ट्रेन में बचे खुचे पैसे को टीटीई को देकर फाइन कटवाकर ट्रेन में सफर कर चक्रधरपुर पहुंचे। इस दौरान टीटीई से लेकर रेलवे के पेंट्रीकार मैनेजर ने उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया। दुर्व्यवहार का यह सिलसिला चक्रधरपुर स्टेशन में भी देखने को मिला।


चक्रधरपुर स्टेशन में भी टीटीई के द्वारा मजदूरों के साथ दुर्व्यवहार किए जाने की बात सामने आई है। टीटीई द्वारा उनसे पैसे की मांग की जा रही थी। जबकि, सभी मजदूर टीटीई को फाइन कटवाकर सवार हुए थे और भूखे प्यासे चक्रधरपुर तक पहुंचे थे। उनकी जेब में इतना भी पैसा नहीं बचा था कि वे कुछ खा कर अपनी भूख भी मिटा सकें। लेकिन चक्रधरपुर पहुंचते ही इन मजदूरों को टीटीई ने स्टेशन में घेर लिया और पैसों की मांग करने लगे।

उन्हें काफी देर तक रोक कर भी रखा गया। जहाँ एक तरफ झारखण्ड के सीएम हेमंत सोरेन डीसी से लेकर माइग्रेट सेल को इन मजदूरों को मदद पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया में आदेश देकर सरकार की संवेदनशीलता दिखा रहे थे। वहीं जमीनी हकीकत में इन मजदूरों को झारखण्ड सरकार ने भी उनके हाल पर छोड़ दिया था। झारखण्ड सरकार के द्वारा इन्हें किसी तरह की मदद नहीं पहुंचाई गयी थी। भूखे प्यासे जिल्लत दुर्व्यवहार और शोषण का शिकार बनते हुए सभी मजदुर चक्रधरपुर पहुंचे थे।

चक्रधरपुर पहुँचने के बाद मजदूरों ने आलया मिल्स को लेकर कई खुलासे किए हैं। मजदूरों ने बताया है कि तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर में स्थित आलया मिल्स में मजदूरों का शोषण किया जा रहा है। घटिया कीड़ा युक्त खाना उन्हें परोसा जाता है। विरोध करने पर बाहर से लड़कों को बुलाकर उनकी पिटाई की जाती है। कंपनी के पुरुष महिला मजदूरों की भी पिटाई करते हैं।

उन्हें सैलरी भी कम दी जा रही है और ना ही उसे बढ़ाया जा रहा है। मजदूरों को आपातकाल में छुट्टी लेकर घर जाने की इजाजत भी नहीं दी जाती है।जबरदस्ती मील से जाने की कोशिश करने पर मारपीट की जा रही है। इसके बाद मील के गेट पर ताला लगाकर मजदूरों को बंधक बना कर रखा जा रहा है।पुरुष के साथ साथ महिला मजदुर काफी प्रताड़ना आलया मिल्स में झेल रहे हैं।

उनके साथ हो रहे अत्याचार की फोटो तस्वीर भी बनाने से उनके साथ मारपीट की जा रही है। मजदूरों ने बताया है कि ओडिशा के एजेंट चन्दन और सुशिल के द्वारा उन्हें तमिलनाडु के नमक्कल अन्नागुर में स्थित आलया मिल्स ले जाया गया था। एजेंट ने उन्हें बेहतर परिवेश में रहना खाना और अच्छी सैलरी का सब्जबाग दिखाया गया था।लेकिन ऐसा कुछ भी कम्पनी में उन्हें नहीं मिल रहा था।

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