रांची। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को आक्रोश मार्च का आयोजन किया। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आईं हजारों की संख्या में महिलाएं रांची के मोरहाबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंचीं। महिलाओं ने हाथों में तख्तियां ले रखी थीं। इसमें कांग्रेस और झामुमो पर महिला विरोधी होने संबंधी नारे लिखे थे।
आदित्य साहू के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पार्टी का यह पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था। भाजपा के सभी बड़े नेता इसमें मौजूद रहे। हालांकि मंच पर राज्य भर की महिला नेत्रियों को ही स्थान दिया गया।
महिलाओं को अधिकार नहीं देने के सवाल पर कांग्रेस को घेरा
पद्मश्री छुटनी महतो और जमुना टुडू ने भी मंच से महिलाओं को अधिकार नहीं देने के सवाल पर कांग्रेस को घेरा। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि गांव घर में जब कांग्रेस के नेता जाएंगे, तो महिलाएं उनसे अपने साथ हुए धोखे का सवाल पूछेंगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार महिलाओं को विधायिका में 50 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस को देश में महिलाओं को मजबूत होते देखना अच्छा नहीं लगा।
आदित्य साहू ने कहा कि रांची में निकली यह आक्रोश रैली गांव तक जाएगी। मंडल स्तर पर भाजपा की महिला कार्यकर्ता कांग्रेस को बेनकाब करेंगी। रैली में शामिल होने आई महिलाओं ने भी कांग्रेस पर सवाल उठाए।
रामगढ़ जिले के चितरपुर से आईं साबो महतो ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो मंइयां सम्मान का झूठा दिखावा करती हैं। संसद और विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़ाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों को कांग्रेस गठबंधन ने तोड़ दिया है।
आक्रोश रैली का मंच महिलाओं को समर्पित रहा
आक्रोश रैली का मंच महिलाओं को समर्पित रहा। मंच से एक के बाद एक महिला नेताओं का संबोधन होता रहा, जबकि नीचे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, पूर्व अध्यक्ष पीएम सिंह समेत वरिष्ठ नेता बैठकर भाषण सुनते रहे। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं का है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की महिलाओं को सशक्त करने का अभियान चलाया है।
दिन के ग्यारह बजे प्रारंभ हुआ कार्यक्रम दो बजे समाप्त हुआ। मोरहाबादी मैदान में कड़ी धूप के बीच बाहर से आई महिलाएं कुर्सी लेकर छांव तलाशती रहीं। रांची के अलावा बाहर के जिलों से भी अच्छी संख्या में महिलाएं कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं।

