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बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनेगा यूपी का पहला सोलर एक्सप्रेस-वे

by Rakesh Pandey
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे बनेगा यूपी का पहला सोलर एक्सप्रेस-वे
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लखनऊ। योगी सरकार ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को सौर ऊर्जा के जरिए रोशन करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। इसके लिए 4 लेन वाले 296 किमी लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ सोलर पैनल लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस परियोजना को पीपीपी मॉडल के जरिए मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके तहत हाईवे के मेन कैरिज वे और सर्विस लेन के बीच खाली पड़े 15 से 20 मीटर चौड़ाई वाले क्षेत्र को भी सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा से लैस किए जाने की योजना है।

सौर ऊर्जा से मिलेगी औद्योगिक विकास को गति
योगी सरकार ने यूपी में औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही औद्योगिक गलियारों, खासकर हाइवे के रख-रखाव एवं सुविधाओं में वृद्धि के लिए अब सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए यह पहल की है। सीएम कार्यालय की ओर से बताया गया कि यूपी में उच्च गुणवत्ता वाले हाईवे के निर्माण और रख-रखाव के साथ ही इसे सौर ऊर्जा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

दो लेन के बीच 20 मीटर के अंतराल पर लगेगे सोलर पैनल
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे सात जिलों से गुजरते हुए चित्रकूट जिले के भरतकूप के पास गोंडा गांव में NH-35 से लेकर इटावा के कुदरैल गांव के पास तक फैला है। इसे सोलर पावर एक्सप्रेसवे में बदलने के लिए राज्य सरकार ने 1,700 हेक्टेयर जमीन की पहचान की है। दो लेन के बीच 20 मीटर के अंतराल पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे।

बाड़ लगाने वाले क्षेत्र को सोलर पैनल के लिए किया गया चिन्हित
बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे यूपी का सबसे आधुनिक सुविधा संपन्न एक्सप्रेस-वे में शुमार है। ऐसे में, इसे सौर ऊर्जा से संचालित करने की पहल से इसे नई पहचान मिलेगी। ज्ञात हो कि 4 लेन वाले 296 किमी लंबे इस हाईवे में मेन कैरिज वे और सर्विस लेन के रूप में दो हिस्से हैं। इन्हीं दोनों के बीच लगभग 15 से 20 मीटर चौड़ाई की पट्टी वाला क्षेत्र पूरे एक्सप्रेस-वे में फिलहाल खाली है। इस जगह को कृषि भूमि से अलग करके बाड़ लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। अब इसी क्षेत्र को सोलर पैनल से पाटने की योजना है। इससे पूरा एक्सप्रेस-वे सौर ऊर्जा से लैस हो जाएगा।

कनेक्टिवटी बढ़ने के साथ-साथ लोकल लोगों को मिलेगा रोजगार
मौजूदा समय में जमीन की इस पट्टी का इस्तेमाल एक्सप्रेस-वे को बगल की कृषि भूमि से अलग करने के लिए बाड़ लगाने के लिए किया जाता है। मॉडल के आधार पर इस प्रोजेक्ट के लिए बोली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें आठ सोलर पावर डेवलपर्स शामिल हैं। एक बार चालू होने के बाद सोलर पावर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे UPEIDA के लिए लीज रेंट के जरिए 4 करोड़ रुपये की कमाई हो सकती है। राज्य सरकार इस मॉडल को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे और गोरखपुर एक्सप्रेस-वे जैसे अन्य एक्सप्रेसवे में दोहरा सकती है। इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी बढ़ेगी और इकोनॉमिक डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा। जिससे लोकल लोगों के लिए हजारों नौकरियां पैदा होंगी।

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