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Ranchi : जूनियर डाक्टरों की हड़ताल जारी, मांगे पूरी नहीं हुई तो इमीजेंसी सेवा होगी ठप

by Rakesh Pandey
Junior doctors strike continues
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रांची : Junior doctors strike continues : कोलकाता मे शांतिपूर्वक विरोध कर रहे डाक्टरों पर राजनीति से प्रेरित भीड़ के हमलों के विरोध मे जेडीए ने शुक्रवार को भी रिम्स मे कार्य बहिष्कार जारी रखा। साथ ही जेडीए ने मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए खुद को इमरजेंसी सहित सभी सेवाओं से दूर रखने की चेतावनी दी है। शुक्रवार को ओपीडी से लेकर नियमित सर्जरी बंद रही, जिससे 100 से अधिक सर्जरी नहीं हो पाई और मरीज परेशान रहें। आइएमए रांची भी इन डाक्टरों के साथ दिखे और चिकित्सीय व्यवस्था ठप करने को सही बताया।

रिम्स के जूनियर डाक्टरों ने मांग की हैं कि उनकी आवाज केंद्रीय मंत्रालय तक उचित कार्यवाही के लिए पहुंचे। जिसमें पश्चिम बंगाल सरकार और आरजी कर मेडिकल कालेज प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई कर तत्काल इस्तीफा लें।

जेडीए ने बताया कि छोटी कविताओं, कहानियों, पोस्टरों और बैनरों के प्रदर्शन के साथ नुक्कड़ नाटक करेगे जूनियर डाक्टर। दिवंगत सहकर्मी की स्मृति का सम्मान करने के लिए रिम्स ट्रामा सेंटर के बाहर अभया को न्याय दिलाने के लिए सभी लोग मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि देंगे।

वही नेशनल आईएमए ने पूरे देश मे 17 अगस्त को सुबह छह बजे से 18 अगस्त सुबह छह बजे तक 24 घंटे का हड़ताल का निर्णय लिया है। जिसमें सरकारी डाक्टर से लेकर निजी डाक्टर तक हड़ताल करेंगे। झारखंड आइएमए के महासचिव डा. प्रदीप कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस संबंध मे नेशनल आइएमए ने प्रेस रिलीज जारी किया है।

फिलहाल इस हड़ताल से इमरजेंसी सेवा को अलग रखा गया है।उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आईएमए ने कोलकाता में डाक्टरों पर हुए क्रूर हमला डाक्टरों की आजादी के खिलाफ है और पूरा देश इसके विरोध में एकजुट है। रिम्स जेडीए ने कहा है कि सभी जूनियर डाक्टर्स आरजीकेएमसीएच में अपने सहयोगियों के साथ खड़े हैं और अपना पूरा समर्थन देते हैं।

Junior doctors strike continues :  जेडीए की मुख्य मांगे

1. डाक्टरों पर हमले में शामिल सभी व्यक्तियों की तत्काल गिरफ्तारी
2. केंद्रीय सुरक्षा अधिनियम के कार्यान्वयन के लिए एक लिखित आश्वासन, साथ ही सभी अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए।
3. सभी आपातकालीन कर्तव्यों में काम करने वाले डॉक्टरों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना। झारखंड में मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना।

दूसरी ओर मृतका के पिता ने सीबीआई जांच की मांग की है और कहा है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे। मृतका के पिता ने सीबीआई के साथ हुई बातचीत के बारे में विवरण देने से इन्कार कर दिया है। इस बीच उन्होंने कहा है कि वे न्याय चाहते हैं और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी बेटी की मौत के मामले में सच्चाई जानना चाहते हैं और दोषियों को सजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।इस मामले में मृतक के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है और कहा है कि वे इस मामले में न्याय चाहते हैं। मामले की जांच जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही दोषियों को सजा मिलेगी।

यह मामला कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर की मौत से जुड़ा हुआ है, जिसमें बलात्कार और हत्या के आरोप लगाए गए हैं। मृतक के परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है और कहा है कि वे इस मामले में न्याय चाहते हैं।

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