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मथुरा : होली पर मुस्लिम दुकानदारों के खिलाफ आपत्तिजनक मांग, सीएम योगी को खून से पत्र लिखा

दिनेश शर्मा ने महाकुंभ के दौरान मुस्लिम दुकानदारों की दुकानों को न लगाने का उदाहरण दिया और कहा कि जब बड़ी धार्मिक घटनाओं के दौरान ऐसा किया जा सकता है, तो होली जैसे पर्व के दौरान भी इसे लागू किया जाना चाहिए।

by Anurag Ranjan
मथुरा : होली पर मुस्लिम दुकानदारों के खिलाफ आपत्तिजनक मांग, सीएम योगी को खून से पत्र लिखा
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मथुरा : होली के त्योहार के मद्देनजर श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने एक विवादास्पद कदम उठाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर यह मांग की है कि इस साल होली के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों को मिठाइयों की दुकानों और रंगों की बिक्री से रोक दिया जाए। उनका आरोप है कि मुस्लिम दुकानदार होली के समय मिठाइयों में मिलावट करते हैं और रंगों में अपवित्रता लाते हैं, जिससे त्योहार की शांति भंग हो सकती है।

दिनेश शर्मा का यह पत्र उनकी व्यक्तिगत और संगठन की ओर से उठाए गए एक संवेदनशील और विवादास्पद कदम का हिस्सा है। उन्होंने पत्र में यह भी लिखा कि मुसलमानों द्वारा होली के अवसर पर व्यापार करने से सामाजिक और धार्मिक सौहार्द्र में खलल पड़ सकता है। उनका कहना है कि इस तरह के घटनाक्रमों से त्योहार के माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इससे शांति भंग हो सकती है।

महाकुंभ और होली के संबंध में समानता

दिनेश शर्मा ने महाकुंभ के दौरान मुस्लिम दुकानदारों की दुकानों को न लगाने का उदाहरण दिया और कहा कि जब बड़ी धार्मिक घटनाओं के दौरान ऐसा किया जा सकता है, तो होली जैसे पर्व के दौरान भी इसे लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और होली के दौरान मुसलमानों की दुकानों को न लगने देने के आदेश जारी करें।

मंदिर-मस्जिद विवाद और दिनेश शर्मा की भूमिका

दिनेश शर्मा लंबे समय से श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर को मस्जिद मुक्त करने की कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से वे इस मुद्दे पर न्यायालय में संघर्ष कर रहे हैं। उनकी आस्था इतनी प्रगाढ़ है कि उन्होंने संकल्प लिया है कि जब तक श्री कृष्ण जन्मभूमि मस्जिद मुक्त नहीं हो जाती, तब तक वह चप्पल नहीं पहनेंगे और केवल फल खाकर अपना जीवन यापन करेंगे। यह कदम उनके संघर्ष की गम्भीरता को दर्शाता है।

कानूनी और सामाजिक दृष्टिकोण

दिनेश शर्मा की मांग ने धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण सवाल खड़े किए हैं। उनकी मांग को कुछ वर्गों द्वारा धार्मिक असहिष्णुता की ओर एक कदम माना जा रहा है, जबकि अन्य इसे त्योहारों के दौरान धार्मिक भेदभाव के रूप में देख रहे हैं। इस पत्र के माध्यम से यह सवाल भी उठता है कि क्या एक धर्म विशेष के व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना लोकतांत्रिक और सामाजिक रूप से उचित है?

मुख्यमंत्री से अपील

दिनेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से यह भी अपील की है कि वह इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करें और होली के दौरान किसी भी प्रकार के संभावित विवाद से बचने के लिए मुस्लिम दुकानदारों को व्यापार करने से रोकें। उनका मानना है कि इससे त्योहार की शांति बनी रहेगी और समाज में सौहार्द्र बना रहेगा।

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