सेंट्रल डेस्क: कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) ओम प्रकाश की बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई। 68 वर्षीय ओम प्रकाश के शरीर पर कई स्थानों पर चाकू के घाव पाए गए।
पत्नी-बेटी को पुलिस ने लिया हिरासत में
पुलिस के अनुसार, ओम प्रकाश की पत्नी, 61 वर्षीय पल्लवी ओम प्रकाश ने दोपहर 4:30 बजे के आसपास पुलिस को उनके पति की मृत्यु की सूचना दी। जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो पल्लवी और उनकी 37 वर्षीय बेटी ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। दरवाजा तोड़ने पर पुलिस ने ओम प्रकाश का रक्तरंजित शव पाया। पल्लवी और उनकी बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
बेटे ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
बेंगलुरु के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि ओम प्रकाश के बेटे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसके आधार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी और जांच की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ओम प्रकाश की पत्नी पल्लवी ने कुछ दिन पहले एक वाट्सएप ग्रुप में ओम प्रकाश पर पिस्तौल तानने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था।
ओमप्रकाश ने अपनी बहन के नाम खरीदी थी जमीन
सूत्रों के अनुसार, ओम प्रकाश ने अपनी बहन के नाम पर ज़मीन खरीदी थी और पल्लवी उन्हें वह संपत्ति अपने नाम करने के लिए दबाव बना रही थीं। इसके अलावा, एक संपत्ति उनके बेटे के नाम पर भी रजिस्टर्ड थी, जिससे पल्लवी नाराज थीं। इस पारिवारिक विवाद के कारण ही यह हत्या हुई प्रतीत होती है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घरेलू कलह और संपत्ति विवाद के आरोप
हालांकि अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि पोस्टमॉर्टम के बाद और ओम प्रकाश के बेटे की ओर से मिलने वाली शिकायत के आधार पर एक औपचारिक मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पल्लवी ने कथित तौर पर एक लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक विवाद के कारण अपने पति पर चाकू से हमला किया। विवाद का कारण संपत्ति से संबंधित है।
सहयोगियों को बताई थी मानसिक तनाव में होने की बात
बताया जा रहा है कि ओम प्रकाश अपनी सारी संपत्ति अपने बेटे के नाम करना चाहते थे, जिससे घर में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। पल्लवी ने वाट्सएप ग्रुप में पति द्वारा उत्पीड़न की शिकायत की थी और यह भी आरोप लगाया था कि उनके और बेटी के खिलाफ बंदूक का इस्तेमाल करने की धमकी दी गई थी। वहीं, सूत्रों के अनुसार ओम प्रकाश ने अपने सहयोगियों से पत्नी के व्यवहार के चलते मानसिक तनाव में होने की बात साझा की थी।
पोस्टमॉर्टम और आगे की जांच
पुलिस ने घटनास्थल से एक चाकू बरामद किया है, जिसे हमले में इस्तेमाल किया गया माना जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी। आवास को अपराध स्थल के रूप में सील कर दिया गया है। ओम प्रकाश का शव पोस्टमॉर्टम के लिए सेंट जॉन्स अस्पताल भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, शव आज ही परिजनों को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा और विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
1981 बैच के IPS अधिकारी थे ओमप्रकाश
ओम प्रकाश, 1981 बैच के कर्नाटक कैडर के आईपीएस अधिकारी थे। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले। उन्होंने 2015 में राज्य के पुलिस महानिदेशक और निरीक्षक महासंचालक (DGP और IGP) के रूप में कार्य किया था। इसके बाद वे 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे।

