Jamshedpur : बिरसानगर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभुकों को 644 फ्लैट नए साल में आवंटित कर दिए जाएंगे। जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) पूरी तैयारी के साथ कैंपस को रहने लायक बनाने में जुट गई है। यहां तकरीबन डेढ़ किमी सड़क निर्माण के लिए पथ निर्माण विभाग ने एस्टीमेट तैयार कर लिया है। इस एस्टीमेट को विभाग की मंजूरी मिल गई है। जल्द ही इस सड़क निर्माण का टेंडर कराया जाएगा। इसके अलावा, बिजली विभाग भी इन 644 फ्लैटों में बिजली का कनेक्शन देने की कवायद में जुटा है। जेएनएसी के अधिकारियों का कहना है कि यह सारे काम दिसंबर के अंत तक पूरे कर लिए जाएंगे और नए साल में लाभुकों का इन फ्लैट में गृह प्रवेश करा दिया जाएगा।
कई ब्लॉक में फ्लैटों का निर्माण जारी
बिरसानगर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई ब्लॉक में फ्लैटों का निर्माण जारी है। इनमें से ब्लॉक नंबर आठ और 23 में फ्लैट बन कर तैयार हो गए हैं। इन दोनों ब्लॉक में 644 फ्लैट हैं। एक ब्लॉक में 322 फ्लैट हैं। जेएनएसी के अधिकारियों का कहना है कि फ्लैटों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम भी हो गया है। बस कैंपस में कुछ काम बाकी है। जैसे कैंपस में डेढ़ किमी लंबी सड़क बनाई जानी है। सड़क निर्माण पथ निर्माण विभाग को करना है। विभाग ने इस सड़क का एस्टीमेट तैयार कर विभाग को भेजा था। अब इस एस्टीमेट को मंजूरी मिल गई है। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसका टेंडर कर दिया जाएगा। टेंडर होने के बाद युद्ध स्तर पर सड़क का निर्माण शुरू होगा। यह निर्माण कार्य हर हाल में दिसंबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
आठ ट्रांसफार्मर
फ्लैटों में बिजली आपूर्ति के लिए एक ब्लॉक में आठ ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। एक ट्रांसफार्मर 500 केवीए का होगा। इसके लिए बिजली विभाग से बात हो गई है। जल्द ही यहां ट्रांसफार्मर लगाने का काम शुरू होगा। एक ब्लॉक के लिए चार लाख मिलियन लीटर पर डे की क्षमता का ओवरहेड टैंक बनाया गया है। इसे भरने के लिए हर ब्लॉक में दो-दो बोरिंग की गई है। पानी फ्लैट में चढ़ाने के लिए नीचे एक संप भी बनाया जा रहा है।
गौरतलब है कि बिरसानगर में 48 एकड़ रकबे में 9592 फ्लैट बनाए जाने हैं। यह फ्लैट 23 ब्लॉक में बनाए जाने हैं। इनमें से दो ब्लॉक में ही निर्माण कार्य तेजी से कराया गया है। बाकी ब्लॉक में निर्माण कार्य सुस्त चल रहा है। तैयार हो चुके 644 फ्लैटों के आावंटन के लिए 5366 लोगों की लाटरी की गई है। इनमें से 644 लोगों को चुना गया है। अब तक 300 लाभुक ही ऐसे हैं जिन्होंने चार लाख 31 हजार रुपये की किस्त जमा कर दी है। बाकी बाकी लाभुक किस्त अदा करने की प्रक्रिया में हैं।
इनमें से लगभग 800 लोगों ने एक लाख 1500 रुपये की पहली किस्त दी है। 500 लोगों ने दो किस्तें, 400 लोगों ने तीन किस्तें जमा की हैं। इसके अलावा, 350 फाइलें बैंक में लोन की मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। माना जा रहा है कि बैंकों की लापरवाही के चलते भी योजना में देरी हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि बैंक लाभुकों को लोन देने से कतरा रहे हैं। लाभुक रोज लोन के लिए परेशान हो रहे हैं। बैंकों का चक्कर काट रहे हैं। मगर, बैंक कर्मी उन्हें आज कल आने की बात कह कर टरका रहे हैं।

