RANCHI: रांची में त्रि-दिवसीय ‘मारवाड़ महोत्सव–2026’ का आगाज हो गया। जिसका उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया। उन्होंने कहा कि ये राजस्थान और मारवाड़ी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास है। साथ ही कहा कि ऐसे आयोजन देश की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने कहा कि मारवाड़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाला मंच है।
झारखंड की पावन धरती पर प्रदर्शन
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड की पावन धरती पर राजस्थान और मारवाड़ी समाज की सांस्कृतिक, सामाजिक और पारंपरिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन यह दर्शाता है कि भारत की विविध संस्कृतियां एक-दूसरे के साथ कितनी सहजता से जुड़ती हैं। उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान आयोजित पारंपरिक लोकनृत्य, लोकसंगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और विभिन्न प्रतियोगिताएं सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण हैं।
विकास के साथ विरासत
राज्यपाल ने कहा कि इस तरह के आयोजन प्रधानमंत्री के ‘विकास के साथ विरासत’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की अवधारणा को साकार करते हैं। भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है और सांस्कृतिक महोत्सव इस भावना को और अधिक मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों और समाजों की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने से राष्ट्रीय एकता को नई ऊर्जा मिलती है।
मारवाड़ी समाज के योगदान की सराहना
मारवाड़ी समाज के योगदान की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा कि परोपकार, सेवा-भावना, अनुशासन, श्रम, ईमानदारी और उद्यमशीलता इस समाज की विशिष्ट पहचान रही है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में मारवाड़ी समाज ने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां मारवाड़ी समाज ने निवास किया है, वहां उसने स्थानीय संस्कृति के साथ आत्मीय समन्वय स्थापित कर सामाजिक सौहार्द को सुदृढ़ किया है।
सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में आगे
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए राज्यपाल ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के बरेली से आते हैं और वहां उन्होंने मारवाड़ी समाज द्वारा किए जा रहे सामाजिक, शैक्षणिक और परोपकारी कार्यों को नजदीक से देखा है। यह समाज न केवल आर्थिक गतिविधियों में अग्रणी रहा है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में भी हमेशा आगे रहा है। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि झारखंड राज्य विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा और इस यात्रा में मारवाड़ी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों और समुदायों का सहयोग आवश्यक है। उद्घाटन समारोह के बाद राज्यपाल ने महोत्सव परिसर में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया।
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