जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने राज्य में शिक्षा के स्तर को सुधारने और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए “स्कूल रूआर 2026” अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह विशेष अभियान 9 अप्रैल से शुरू होकर अगले 21 दिनों तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) बच्चों को वापस लाना और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इस अभियान के तहत पंचायत से लेकर जिला स्तर तक व्यापक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। घर-घर सर्वे के जरिए उन बच्चों को चिन्हित किया जाएगा जो वर्तमान में विद्यालय नहीं जा रहे हैं।
अभियान की सफलता के लिए शिक्षकों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, सहिया, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी तय की गई है। इसके साथ ही अभिभावकों को प्रेरित करने के लिए जागरूकता रैलियां और विशेष नामांकन शिविर भी लगाए जाएंगे। अभियान की पारदर्शिता के लिए बच्चों की दैनिक उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जाएगी। जिला स्तर पर गठित विशेष कोषांग प्रतिदिन की प्रगति का विश्लेषण करेगा।
शिक्षा सचिव ने सभी उपायुक्तों को व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और प्रखंडों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह पहल राज्य में ‘शिक्षा क्रांति’ लाने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
ऐसे चलेगा कार्यक्रम
- अभियान 9 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक कुल 21 दिनों के लिए संचालित किया जाएगा।
- नई शिक्षा नीति के तहत 5-18 आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है।
- आंगनबाड़ी के 5+ आयु के बच्चों का स्कूलों में नामांकन।
- विद्यालय से बाहर रह गए (ड्रॉपआउट) और प्रवासी बच्चों को वापस लाना।
- कक्षा 1 से 11 तक के छात्रों की अगली कक्षाओं में प्रोन्नति और ठहराव सुनिश्चित करना।
इस प्रकार प्राप्त किया जाएगा लक्ष्य
इसके लिए 9 अप्रैल : राज्यस्तरीय बैठक
11 अप्रैल : जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में बैठक
13 अप्रैल : प्रखंड स्तर पर विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक
15 से 30 अप्रैल : विद्यालय स्तर पर विभिन्न गतिविधियां

