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Ghaghra Netarhat Road Project : घाघरा-नेतरहाट सड़क बनेगी 4 लेन टूरिस्ट कॉरिडोर, पहाड़ी हिस्सों में टनल बनाने पर भी विचार

Jharkhand Hindi News : डीपीआर के लिए कंसल्टेंसी चयन की निविदा जारी

by Nikhil Kumar
Ghaghra Netarhat road project
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  • सड़क बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा

रांची : पथ निर्माण विभाग ने झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल नेतरहाट तक बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में पहल शुरू की है। विभाग ने घाघरा-नेतरहाट मार्ग को 4 लेन टूरिस्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है।

डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी के चयन के लिए निविदा जारी कर दी गई है। पहाड़ी हिस्सों में टनल निर्माण की भी योजना है। विभागीय निविदा के अनुसार, चयनित कंसल्टेंसी एजेंसी को सड़क के वर्तमान स्वरूप, यातायात दबाव, वैकल्पिक एलाइनमेंट, भू-तकनीकी स्थिति, भूमि आवश्यकता, पुल-पुलिया और पहाड़ी कटिंग से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

टनल एवं तीखे मोड़ के लिए जगह होगी चिह्नित

रिपोर्ट में उन हिस्सों की भी पहचान की जाएगी जहां टनल बनाकर दूरी कम की जा सके और तीखे मोड़ों को सुरक्षित बनाया जा सके। मौजूदा घाघरा-नेतरहाट सड़क कई हिस्सों में संकरी और घुमावदार है। यह सड़क गुमला लातेहार और नेतरहाट को जोड़ने के लिए प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव काफी है। इससे आवागमन प्रभावित होता है।

खासकर पहाड़ी चढ़ाई वाले हिस्सों में बड़े वाहनों की आवाजाही चुनौतीपूर्ण रहती है। इसी कारण सड़क चौड़ी करने के साथ आधुनिक इंजीनियरिंग विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। निविदा के तहत एजेंसी को 90 दिनों के भीतर फिजिबिलिटी कम डीपीआर तैयार कर विभाग को सौंपना होगा। इसके बाद परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण मॉडल और स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

सरकार इस योजना को नेतरहाट पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना मान रही है। सड़क बेहतर होने से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय व्यापार तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। फिजीबिलिटी रिपोर्ट बनने के बाद राज्य सरकार से इसकी तकनीकी व प्रशासनिक स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद टेंडर इत्यादि कर काम प्रारंभ कराया जाएगा। बता दें कि, बड़ी संख्या में टूरिष्ट इस क्षेत्र में भ्रमण को आते हैं, जिससे यातायात दवाब अधिक रहता है।

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