चाईबासा : जमशेदपुर के सांसद विद्युतवरण महतो ने मंगलवार को चाईबासा स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक का विरोध कर झारखंड मुक्ति मोर्चा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सहित अन्य दलों ने अपनी महिला-विरोधी मानसिकता उजागर कर दी है।
उन्होंने कहा कि संसद में पेश विधेयक महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और लोकतंत्र को सशक्त करने के लिए था, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इन्हें टालने की कोशिश की। सांसद विद्युतवरण महतो ने पीएम नरेंद्र मोदी के विचारों की बात करते हुए कहा कि सभी जनप्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर देश हित में निर्णय लेना चाहिए।
महिलाओं के अधिकार को लेकर पीछे हटते रहे हैं विपक्षी दल
सांसद ने कहा कि इतिहास गवाह है कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कई बार महिलाओं को अधिकार देने के मुद्दे पर पीछे हटते रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 1996 से 2010 तक महिला आरक्षण विधेयक बार-बार संसद में अटकता रहा। 2010 में राज्यसभा से पारित होने के बावजूद इसे लोकसभा में आगे नहीं बढ़ाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब भी जब नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू करने का अवसर आया है, तब विपक्ष बहानेबाजी कर रहा है।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का क्रियान्वयन परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ा है और इसमें देरी महिलाओं के अधिकारों में देरी के समान है।
जेबी तुबिद ने भी रखी अपनी बात
अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” का सिद्धांत और मजबूत होगा। इस दौरान भाजपा प्रदेश प्रवक्ता जेबी तुबिद ने कहा कि विपक्षी दल महिलाओं के अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन उन्हें सशक्त करने के समय पीछे हट जाते हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को वास्तविक अधिकार और सम्मान मिल रहा है, जबकि विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है।
प्रेस वार्ता में जिला उपाध्यक्ष रंजन प्रसाद, चंद्रमोहन तिऊ, रूपा सिंह दास ,जिला महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा, नगर अध्यक्ष राकेश पोद्दार, सतीश पूरी, पवन शर्मा, प्रताप कटिहार अनंत सयनम सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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