Seraikela: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत कुकड़ू में हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत के बाद इलाके में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर चांडिल-कुकड़ू मुख्य मार्ग को जाम कर दिया और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बताया जा रहा है कि दलमा सेंचुरी से हाथियों का एक बड़ा झुंड भोजन और पानी की तलाश में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगातार घूम रहा है। शाम होते ही ये झुंड गांवों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
रविवार शाम कुकड़ू गांव में 50 वर्षीय मुनीराम गोराई को एक हाथी ने कुचलकर मार डाला। घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हर बार ऐसी घटनाओं के बाद केवल मुआवजा और पटाखे देकर मामले को शांत करने की कोशिश करता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हाथियों की गतिविधियों की समय पर जानकारी नहीं दी जाती और न ही ट्रैकर या एलिफेंट ड्राइव टीम मौके पर समय से पहुंचती है। इससे जान-माल का खतरा लगातार बना रहता है।
इससे पहले जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने भी वन विभाग को चेतावनी देते हुए कहा था कि हाथियों की मूवमेंट की सूचना समय पर ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। उन्होंने वन क्षेत्र में अवैध बालू भंडारण को भी हाथियों के प्राकृतिक मार्ग में बाधा बताया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण हाथियों का रुख गांवों की ओर हो रहा है, जिससे लगातार जानमाल का नुकसान हो रहा है। लोगों ने सरकार और वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि न तो कोई ठोस योजना है और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर सक्रिय नजर आते हैं।
फिलहाल चांडिल के एसडीओ और वन विभाग के रेंजर मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग है कि मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

