खूंटी । खूंटी में उग्रवादियों के खिलाफ अभियान में पुलिस और सुरक्षा बलों को एक और उपलब्धि हाथ लगी है। पुलिस ने जंगल में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर पीएलएफआई के तीन उग्रवादियों को दबोच लिया है। उनके पास से हथियार, पर्चा एवं अन्य सामान बरामद किए गए हैं। ये लोग बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कर्रा थाना क्षेत्र के मुरहू जंगल में विशेष अभियान चलाया। इस क्रम में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पश्चिम सिंहभूम जिले के बंदगांव थाना क्षेत्र के जलासर गांव निवासी सैमुएल गुड़िया (20), धीरज स्वांसी (19) और सुनील स्वांसी (28) शामिल हैं। मौके पर पुलिस ने उनके पास से एक कट्टा, दो कारतूस, पीएलएफआई के पांच पर्चे, दो मोबाइल फोन और एक पहचान पत्र बरामद किया है।
बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना पर कर रहे काम
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पीएलएफआई दस्ता के कुछ हार्डकोर सदस्य कर्रा के मुरहू जंगल में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने, संगठन विस्तार करने और लेवी वसूली की योजना को लेकर बैठक करने वाले हैं। सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में विशेष छापेमार टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र में छापेमारी कर तीनों उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार उग्रवादियों ने गत 30 अप्रैल को कर्रा थाना क्षेत्र में रेलवे निर्माण कार्य में लगे वाहनों पर फायरिंग, आगजनी और पीएलएफआई का पर्चा चिपकाने की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपितों ने यह भी कबूला कि पिछले दिनों तोरपा थाना क्षेत्र में भारत गैस एजेंसी संचालक के वाहन पर फायरिंग की घटना में भी वे शामिल थे।
गिरफ्तार उग्रवादियों में सैमुएल गुड़िया का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ तपकरा थाना में आर्म्स एक्ट एवं 17 सीएलए एक्ट की संगीन धाराओं में दर्ज है। अभियान में तोरपा एसडीपीओ क्रिस्टोफर केरकेट्टा, पुलिस उपाधीक्षक रामप्रवेश कुमार, पुलिस निरीक्षक अशोक कुमार, कर्रा थाना प्रभारी दीपक कांत कुमार, जरियागढ़ थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार, रनिया थाना प्रभारी श्यामल कुंभकार समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी, सशस्त्र बल और तकनीकी शाखा की टीम शामिल थी।

