Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले के पर्यटन मानचित्र पर अहम पहचान रखने वाला डिमना लेक अब जल्द ही बड़े पर्यटन सर्किट का हिस्सा बनेगा। दलमा पहाड़ियों की तलहटी में स्थित यह रमणीक झील लंबे समय से प्राकृतिक सौंदर्य, शांति और पिकनिक स्पॉट के रूप में पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे न केवल क्षेत्र की खूबसूरती को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी खुलेंगे। यहां बाहर के भी सैलानी आना शुरू होंगे। अभी डिमना लेक की खूबसूरती का नजारा देखने के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के अलावा छत्तीसगढ़ से भी सैलानी आते हैं। नवंबर से फरवरी तक सर्दियों के मौसम में डिमना झील की खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है।
दिसंबर और जनवरी के दौरान झील का एक हिस्सा गुलाबी और सफेद कमल के फूलों से ढक जाता है। सूरज की रोशनी जब इन फूलों और पत्तों पर पड़ती है, तो पूरा सीन किसी पेंटिंग जैसा प्रतीत होता है। इसी वजह से स्थानीय लोग इसे ‘जमशेदपुर की डल लेक’ कहने लगे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह जगह तेजी से लोकप्रिय हो रही है। खासकर युवा वर्ग यहां फोटोशूट, सेल्फी और प्राकृतिक नजारों को कैमरे में कैद करने पहुंचते हैं।
अब इस पर्यटन स्थल को चांडिल-दलमा पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना है। इसके तहत, डिमना के लिए कई आधारभूत संरचनाओं को तैयार किया जाएगा, जिससे यहां तक पर्यटकों का पहुंचना आसान हो सके।
टाटा स्टील ने 1944 में कराया था निर्माण
डिमना लेक झारखंड के जमशेदपुर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर दलमा वन्यजीव अभयारण्य के नजदीक स्थित एक कृत्रिम जलाशय है। इसका निर्माण वर्ष 1944 में टाटा स्टील ने शहर में पेयजल संकट को दूर करने के मकसद से कराया था। आज यह झील जमशेदपुर के प्रमुख जलस्रोतों में गिनी जाती है। करीब 5.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली यह झील चारों ओर से पहाड़ियों, घने जंगलों और प्राकृतिक हरियाली से घिरी है। शांत जल, ठंडी हवा और पहाड़ी वातावरण इसे शहर की भागदौड़ से दूर सुकून का अहसास दिलाने वाला रमणीक स्थल बनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पर्यटन विकास पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाए, तो डिमना झील झारखंड में ईको-टूरिज्म का मॉडल बन सकती है।

पर्यटन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
राज्य सरकार और वन विभाग की पहल के तहत डिमना क्षेत्र को पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य डिमना झील, दलमा पहाड़ियों और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को एक समग्र पर्यटन पैकेज के रूप में विकसित करना है, ताकि देश-विदेश के पर्यटक यहां अधिक संख्या में पहुंच सकें। इस योजना के तहत सड़क संपर्क, पर्यटक सुविधाएं, सुरक्षा, ठहरने की व्यवस्था और पर्यावरण अनुकूल बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी जाएगी।

बनाए जाएंगे 10 गेस्ट हाउस
बोड़ाम प्रखंड के कुटिमकाली गांव में लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से 10 आधुनिक गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। इन गेस्ट हाउसों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच आरामदायक प्रवास का अनुभव ले सकें। इससे ट्रैकिंग, नेचर वॉक, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और ईको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

