Jamshedpur : रुंगटा माइंस में ड्यूटी के दौरान मजदूर रतन घोष बॉयलर में गिर गए थे। इलाज के लिए उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया था। यहां शनिवार की सुबह रतन घोष ने दम तोड़ दिया। रतन घोष की मौत पर परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। रतन घोष अपने घर में अकेले कमाने वाले थे। रतन घोष की पत्नी का कहना है कि अब उन्हें चिंता सता रही है कि घर कैसे चलेगा।
इसके बाद परिवार वालों ने कंपनी से बात की और कंपनी ने मुआवजे के तौर पर परिजनों को 15 लाख रुपए देने की बात कही है।
अंतिम संस्कार के लिए ₹50000 दिए गए हैं। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने टीएमएच में इलाज के दौरान लगे 3 लाख 25000 का बिल भी चुकाया है। गौरतलब है कि रतन घोष परसूडीह के मकदमपुर के रहने वाले थे। वह रुंगटा माइंस में ठेका मजदूर थे। वह किसी अन्य कंपनी के तहत रुंगटा माइंस में काम करते थे। 31 मई को वह पैर फिसल जाने की वजह से बॉयलर के खौलते पानी में गिर गए थे और गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके बाद, उन्हें टीएमएच में भर्ती कराया गया था।

