
Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर चक्रधरपुर अनुमंडल में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान
मोबाइल फूड टेस्टिंग लैबोरेट्री’ (चलंत खाद्य जाँच प्रयोगशाला) के जरिए बाजारों में बिक रहे खाने-पीने के सामानों की ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) शुद्धता जांची गई।
31 प्रतिष्ठानों पर छापा, 85 नमूनों की हुई जाँच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने चक्रधरपुर के इतवारी बाजार पूजा बेकरी केक दुकान, कुसुम कुंज, पवन चौक, राजबारी रोड और बाटा रोड स्थित विभिन्न मिठाई-नाश्ता दुकानों और ठेला-खोमचा संचालकों के यहाँ औचक निरीक्षण किया। इस अभियान के तहत कुल 31 दुकानों से 85 खाद्य नमूने एकत्र कर मोबाइल लैब में उनका परीक्षण किया गया। जाँच के दायरे में लड्डू, जलेबी, हल्दी, मिर्च पाउडर, चटनी, आलू मसाला, गुपचुप मसाला, छोले और दही जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ शामिल थे।
मानकों पर फेल हुईं नामचीन दुकानें, नष्ट कराई गई मिठाइयाँ
जाँच के दौरान कई जगहों पर भारी अनियमितता और मिलावट पाई गई, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। वृंदावन स्वीट्स और गोलूजी स्नैक्स यहाँ के 10 किलो लड्डू गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह फेल पाए गए। श्री राम कृष्ण स्वीट्स एंड स्नैक्स दुकान की 1 किलो जलेबी अमानक और सेहत के लिए हानिकारक पाई गई।
सड़क किनारे के दुकानदार (ठेला-खोमचा)
पाँच ठेला संचालकों के पास बेचे जा रहे चटनी, छोला, आलू मसाला और कटलेट भी स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप नहीं थे।
ऑन-द-स्पॉट एक्शन
खाद्य सुरक्षा टीम ने इन सभी अमानक और दूषित खाद्य पदार्थों को जनता की सेहत से खिलवाड़ न हो, इसलिए मौके पर ही पूरी तरह नष्ट करवा दिया।
गुपचुप और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सख्त निर्देश
कार्रवाई के साथ-साथ टीम ने सभी दुकानदारों और विशेष रूप से गुपचुप (पानीपुरी) बेचने वालों को सख्त हिदायत दी। उन्हें केवल साफ और सुरक्षित पेयजल का उपयोग करने, खाद्य पदार्थों में केवल सरकार द्वारा अनुमन्य (स्वीकृत) रंगों का ही सीमित इस्तेमाल करने तथा दुकानों में पूरी तरह साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
टीम में शामिल अधिकारी
इस बड़े छापेमारी अभियान को सफल बनाने में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी धनेश्वर हेम्ब्रम, दीपक कुमार सिंह, अनुपा प्रीति बाड़ा के साथ मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब के जूनियर एनालिस्ट चंदन खरवार और शुभम कुमार मुख्य रूप से शामिल थे।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए जिले में मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए इस तरह का सघन जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
Read Also: Food Safety: फलों के पकाने में कार्बाइड का इस्तेमाल किया तो लगेगा 10 लाख जुर्माना, जेल की सजा भी

