
चाईबासा : अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर महिला कॉलेज राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर स्वास्थ्य जागरूकता सत्र एवं निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं महाविद्यालय परिवार को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर में सदर अस्पताल से मेडिकल ऑफिसर अर्चना परेया, मधुसूदन बोरा, अंजुसिनी प्रकाश, दीपक कुमार महतो, हेमलता पूर्ति, झुमुर भूमिक, रेनू सुमित कोंगाड़ी, सरोन लकड़ा एवं सोनी दास ने सहयोग प्रदान किया।
शिविर में महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी कराई स्वास्थ्य जांच
शिविर में छात्राओं के अलावा महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने भी अपनी स्वास्थ्य जांच कराई। अपराह्न 1 बजे से छात्राओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. अर्पित सुमन टोप्पो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
नेशनल ट्रेनर ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. शिवचरण हांसदा, उपाध्यक्ष, सदर अस्पताल तथा डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम नेशनल ट्रेनर ने छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। डॉ. शिवचरण हांसदा ने छात्राओं को अपनी दैनिक दिनचर्या में सुधार कर स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय बताए। उन्होंने कम उम्र में विवाह से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं तथा ड्रग एडिक्शन के दुष्प्रभावों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति का शारीरिक मानसिक, सामाजिक व आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक : डॉ हेंब्रम
डॉ. जगन्नाथ हेम्ब्रम ने स्वास्थ्य के व्यापक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के विभिन्न उपायों से अवगत कराया तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। जागरूकता सत्र में डॉ. सुचिता बाड़ा, डॉ. ललिता सुंडी, सोनमई सुंडी, सितेंद्र रंजन सिंह, मदन मोहन मिश्रा सहित अन्य प्राध्यापकगण एवं छात्राए उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में मनीषा बिरुआ ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी अतिथियों, स्वास्थ्यकर्मियों, प्राध्यापकों, शिक्षकेतर कर्मचारियों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।

