
रांची : झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती विवाद को लेकर चल रहे बवाल के बीच राज्य सरकार के मंत्रियों ने भारतीय जनता पार्टी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस कोटे से आने वाले चारों मंत्रियों-राधा कृष्ण किशोर, डॉ. इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर पूरी तरह गंभीर है, लेकिन भाजपा बाहर से लोग बुलाकर आंदोलन का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है।
सदन की चर्चा से क्यों भागी भाजपा: राधा कृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सरकार 10 अगस्त को ही सदन में इस मुद्दे पर खुलकर बात करने को तैयार थी। लेकिन भाजपा नेताओं ने चर्चा में शामिल होने के बजाय मुख्यमंत्री आवास घेरने का रास्ता चुना। उन्होंने दावा किया कि बिहार, बंगाल और छत्तीसगढ़ से भाजपा कार्यकर्ताओं को बुलाकर प्रदर्शन को उग्र रूप दिया गया। इसके बावजूद सरकार ने बेहद संयम से काम लिया और कोई भी सख्त कदम नहीं उठाया।
स्वास्थ्य मंत्री ने छात्रों से बातचीत का दिया हवाला
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वे खुद देर रात बिना सुरक्षा के अस्पताल पहुंचे और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का हाल जाना। उनके मुताबिक, छात्र नेता ने भी माना कि कुछ लोग इस प्रदर्शन को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। छात्र सरकार से बात करना चाहते हैं, लेकिन भाजपा ने आंदोलन को मोहरा बना लिया है।
छात्रों से माफी और CBI पर सवाल
कृषि मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान अगर किसी भी छात्र को चोट पहुंची है, तो सरकार उसके लिए शर्मिंदा है और दिल से माफी मांगती है। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा CBI जांच की रट लगा रही है, जबकि जेपीएससी-2 जैसे पुराने मामलों में सीबीआई अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं दे सकी है।
राहुल गांधी पर आरोप झूठे: शिल्पी नेहा तिर्की
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और पुलिस ने केवल तय नियमों के तहत स्थिति को संभाला था।
मंत्रियों ने साफ किया कि भाजपा छात्रों के नाम पर केवल अपनी सियासत चमका रही है, जबकि राज्य सरकार बातचीत के जरिए युवाओं की समस्या का हल निकालने के पक्ष में है।

