
नई दिल्ली/रांची : झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी की प्रतियोगी परीक्षाओं में हो धांधलियों को लेकर सड़कों पर उतरे युवाओं का मसला अब देश की राजधानी तक जा पहुंचा है। दिल्ली में संसद भवन के मकर द्वार पर भारतीय जनता पार्टी के सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू की अगुवाई में हुए इस प्रदर्शन में झारखंड और ओडिशा के कई बड़े सांसदों ने हिस्सा लिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस विरोध प्रदर्शन में सांसद निशिकांत दुबे, विद्युत वरण महतो, बीडी राम, डॉ. प्रदीप वर्मा, चंद्रप्रकाश चौधरी, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
आधी रात को पुलिस कार्रवाई पर बवाल
भाजपा नेताओं ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आधी रात को हुई प्रशासनिक कार्रवाई को शर्मनाक करार दिया। आरोप है कि मंगलवार देर रात पुलिस और जिला प्रशासन की टीम ने धरना स्थल की बिजली कटवा दी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश की। आदित्य साहू ने साफ लहजे में कहा कि हेमंत सोरेन सरकार दमनकारी नीति से युवाओं की आवाज दबाना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर छात्रों के साथ किसी भी तरह की ज्यादती हुई, तो भाजपा सड़क से लेकर संसद तक चुप नहीं बैठेगी।
राहुल गांधी और कांग्रेस की चुप्पी पर घेरा
प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं, जिनके जरिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से सीधा जवाब मांगा गया। भाजपा का कहना है कि झारखंड में कांग्रेस सरकार का हिस्सा है, लेकिन जब छात्रों पर लाठीचार्ज और अमानवीय व्यवहार हो रहा है, तब राहुल गांधी पूरी तरह खामोश हैं।
सांसदों की मुख्य मांगें
भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और छात्रों से संवाद कर समाधान निकाला जाए।
शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और लाठीचार्ज की तुरंत जांच कराई जाए।
युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बंद किया जाए।

