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JPSC-JSSC विवाद पर जंग, छात्रों और JMM कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प

JPSC-JSSC : पुतला छीने जाने के बाद माहौल बिगड़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, हाथापाई और मारपीट में बदल गई।

by Anurag Ranjan
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रांची : राजधानी में शुक्रवार की शाम उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब JPSC-JSSC की परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्र और सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा के समर्थक आपस में भिड़ गए। ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक और चडरी तालाब के आसपास का पूरा इलाका रणक्षेत्र बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस द्वारा लाठी चार्ज करने की भी सूचना है।

पुतला छीनने से भड़का आक्रोश

हाईकोर्ट द्वारा परीक्षाओं को लेकर आए फैसलों के बाद JPSC रिफॉर्म्स मंच के अभ्यर्थी विरोध जताने सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शनकारी छात्र मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने अल्बर्ट एक्का चौक की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान चडरी तालाब के पास पहले से मौजूद JMM कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी का विरोध किया और छात्रों के हाथ से मुख्यमंत्री का पुतला छीनकर भाग निकले।

पुतला छीने जाने के बाद माहौल बिगड़ गया और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस, हाथापाई और मारपीट में बदल गई।

पुलिस अफसर समेत कई लोग घायल

दोनों ओर से हुई इस हिंसक झड़प में कई छात्र और पार्टी कार्यकर्ता घायल हुए हैं। बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस को भी भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिसमें एक सिटी/एसडीडीएसपी रैंक के अधिकारी और कुछ जवानों को भी चोटें आई हैं। स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को काफी प्रयास करना पड़ा। मामले में पुलिस ने रिफॉर्म मंच के छात्र नेता कुणाल सिंह को हिरासत में लिया है।

हाईकोर्ट के फैसले से आक्रोशित हैं अभ्यर्थी

छात्रों का गुस्सा हालिया न्यायिक फैसलों और राज्य सरकार के रुख को लेकर है।

हाईकोर्ट द्वारा 11वीं-13वीं JPSC व फूड सेफ्टी परीक्षा, जेएसएस-सीजीएल आदि को रद्द करने के सरकार के फैसले पर रोक लगाने से अभ्यर्थी नाराज हैं। छात्रों का कहना है कि सरकार अदालत में अभ्यर्थियों का पक्ष मजबूती से नहीं रख रही है।

आंदोलन उग्र करने की चेतावनी

छात्र नेताओं रविंद्र पासवान, कुणाल प्रताप ने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस और अपने कार्यकर्ताओं के दम पर छात्रों का लोकतांत्रिक विरोध दबाना चाहती है। उन्होंने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन थमने वाला नहीं है और आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।

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