
रांची:रांची विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को काफी अव्यवस्था दिखी। डिग्री लेने के लिए विद्यार्थी आपस में उलझते दिखे। डिग्री के लिए उन्हें धक्के भी खाने पड़े। काफी देर तक ऐसी स्थिति बनी रही।
कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। राज्यपाल ने स्वर्ण पदक विजेताओं को अपने हाथों उपाधि दी। इसके बाद वे कार्यक्रम से चले गए। आगे की डिग्री वितरण के लिए कुलपति प्रोफेसर सरोज शर्मा को अधिकृत करते हुए राज्यपाल ने विदाई ली। उनके जाने के बाद अव्यवस्था फैली। काफी देर तक मंच खाली रहा।
पीएचडी धारक समेत अन्य विद्यार्थियों को काउंटर से डिग्री देने की व्यवस्था की गई। लेकिन काउंटर पर भीड़ हो गई। फिर धक्का-मुक्की, शोर-शराबा एवं चिल्लाहट की स्थिति उत्पन्न हो गई। ऐसी स्थिति देख पीएचडी धारकों में काफी नाराजगी दिखी।
उनका सवाल था कि क्या दीक्षांत समारोह सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए था? जब डिग्री काउंटर से ही बांटनी थी तो दीक्षांत समारोह का आयोजन क्यों किया गया।
विश्वविद्यालय के अधिकारी मंच पर उपलब्ध नहीं थे तो शिक्षकेतर कर्मियों ने मोर्चा संभाला। उन लोगों ने विद्यार्थियों के बीच डिग्री वितरण शुरू किया। बाहर से डिग्री लेने पहुंचे विद्यार्थियों एवं उनके परिजनों में भी अव्यवस्था को लेकर नाराजगी थी। उनका कहना था कि जब राज्यपाल चले गए थे तो कुलपति के हाथों उन्हें डिग्री मिलती तो अच्छा लगता।
काफी मिहनत कर पढ़ाई पूरी की और समय निकालकर उत्साह के साथ समारोह में पहुंचा। काउंटर से तो डिग्री कभी भी लिया जा सकता था।
Read Also: Nilamber Pitamber University के VC दिनेश सिंह पर राजभवन ने की बड़ी कार्रवाई, छीने सारे अधिकार

