
रांची : गैंगस्टर अमन साव की मुठभेड़ में मौत के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सोमवार को स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मामले से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के कुछ फैसले अदालत में दाखिल किए गए। अदालत ने अमन साव की मां किरण देवी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता हेमंत सिकरवार को इन फैसलों का अध्ययन और सत्यापन करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई के लिए 27 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है।
इससे पहले राज्य सरकार की ओर से सीलबंद लिफाफे में सीआईडी की केस डायरी अदालत में पेश की गई थी। इसके अलावा फोरेंसिक रिपोर्ट और अनुसंधान से जुड़े अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए थे।
सीबीआई जांच की मांग
अमन साव की मां किरण देवी ने मुठभेड़ की घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। हाईकोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है और किरण देवी को हस्तक्षेपकर्ता बनाया है।
पूर्व की सुनवाई में किरण देवी की ओर से कहा गया था कि घटना को लेकर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए थीं और दोनों मामलों का एक ही अनुसंधान नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि पुलिस ने केवल एक मामला दर्ज किया है और उनकी ओर से ऑनलाइन दी गई शिकायत पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।
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