
Jamshedpur : लौह नगरी में मरीन ड्राइव पर 24 सितंबर को सड़क हादसे में मंत्री दीपिका पांडे सिंह की बेटी तृषा सिंह की मौत के बाद अब ट्रैफिक पुलिस हरकत में आ गई है। शहर में स्पीड लिमिट योजना लागू कर दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने 55 किलोमीटर प्रति घंटे से तेज रफ्तार वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पहली बार मंगलवार को मरीन ड्राइव पर स्पीड गन निकाली गई।
ट्रैफिक पुलिस ने स्पीड गन से वाहनों की रफ्तार आंकी और जो भी वाहन 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अधिक तेज चल रहे थे। उनके मालिकों पर जुर्माना करते हुए ई चालान काटा। माना जा रहा है कि शहर में गति सीमा निर्धारण और स्पीड गन से कार्रवाई के बाद अब रफ्तार के चलते हो रहे हादसे कम होंगे।
तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को मरीन ड्राइव पर विशेष जांच अभियान चलाकर निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
ट्रैफिक डीएसपी नीरज के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मरीन ड्राइव पर स्पीडगन के जरिए वाहनों की गति रिकॉर्ड की। जांच के दौरान 55 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित सीमा से अधिक गति में चलने वाले वाहनों की पहचान की गई। इसके बाद वाहनों के नंबर के आधार पर ऑनलाइन ई-चालान जारी किए गए। वाहन चालकों को मौके पर रोकने के बजाय उनके पंजीकृत पते पर ऑनलाइन चालान भेजने की कार्रवाई की गई।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, अभियान के पहले दिन मरीन ड्राइव पर 100 से अधिक तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ ई-चालान काटे गए। अधिकारियों ने बताया कि शहर की अलग-अलग सड़कों पर गति सीमा अलग-अलग निर्धारित है। मरीन ड्राइव पर अधिकतम गति सीमा 55 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि एनएच-33 पर वाहन अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाए जा सकते हैं।
अभियान के दौरान बिष्टुपुर ट्रैफिक थाना प्रभारी राकेश कुमार भी मौजूद रहे। ट्रैफिक पुलिस ने स्पीडगन से जांच के लिए शहर के कई अन्य स्थानों को भी चिन्हित किया है। इन स्थानों पर आने वाले दिनों में नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा। साथ ही वाहन चालकों को गति सीमा की जानकारी देने के लिए प्रमुख सड़कों पर निर्धारित स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाने की तैयारी की जा रही है।
सड़क हादसों पर रोक लगाने की कवायद
ट्रैफिक डीएसपी नीरज ने कहा कि मरीन ड्राइव पर अक्सर युवा समेत अन्य वाहन चालक तेज गति से वाहन चलाते हैं। इससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार में वाहन अनियंत्रित होने से दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है।
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात नियमों के पालन के लिए ट्रैफिक पुलिस सख्ती से कार्रवाई कर रही है। शहर में सुरक्षित और अनुशासित यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में विभिन्न स्थानों पर स्पीडगन से वाहनों की जांच कर तेज रफ्तार चालकों के खिलाफ ई-चालान की कार्रवाई जारी रहेगी।
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