रांची: राजधानी रांची में एक और बड़ा मंदिर बनने जा रहा है। सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने संयुक्त रूप से राम जानकी तपोवन मंदिर की आधारशिला रखी। यह मंदिर अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है और इसका निर्माण कार्य निवारणपुर स्थित तपोवन मंदिर परिसर में शुरू हो गया।
मजबूत होगी धार्मिक भावना
मुख्य पंडितों की अगुवाई में विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भूमि पूजन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस अवसर पर अपनेएक्स हैंडल पर भी अपनी उपस्थिति की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि आज रांची में ऐतिहासिक श्री राम जानकी तपोवन मंदिर में भूमि पूजन समारोह कार्यक्रम में शामिल हुआ। इस शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं एवं जोहार। वहीं आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि भूमि पूजन हो गया है। हम चाहते है कि जल्द इसका निर्माण पूरा हो। धार्मिक भावना मजबूत होगी।
संगमरमर का होगा इस्तेमाल
मंदिर का निर्माण कार्य भव्यता और परंपरा का अद्भुत संगम होगा। लगभग 50 हजार घन फीट पत्थर से बनाए जा रहे इस मंदिर में विशेष रूप से राजस्थान के मकराना से लाए गए सफेद संगमरमर का इस्तेमाल किया जाएगा। गौरतलब है कि यही संगमरमर विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में भी उपयोग किया गया था। मंदिर की वास्तुकला पारंपरिक नागर शैली की होगी, जिसमें आधुनिक निर्माण तकनीकों का भी समावेश किया जा रहा है। यह न केवल एक आस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि आने वाले समय में यह रांची शहर का एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी होगा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के साथ-साथ धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी योजना बनाई जा रही है।
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