Chaibasa : झारखंड सरकार के नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार गुरुवार को चाईबासा पहुंचे। परिसदन में उन्होंने कोल्हान प्रमंडल के आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम, पुलिस उपमहानिरीक्षक अनुरंजन किस्पोट्टा, उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू और सारंडा वन प्रमंडल पदाधिकारी अविरुप सिन्हा के साथ चर्चा की।
मंत्री ने सारंडा जंगल क्षेत्र में ईको टूरिज्म के विकास को लेकर गंभीरता दिखाई। वन विभाग से उन्होंने फॉरेस्ट लैंड की उपलब्धता और पर्यटन परियोजनाओं के विस्तार पर सीधा फीडबैक लिया। डीएफओ अविरुप सिन्हा के साथ हुई बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि सरकार सारंडा को झारखंड के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है।
किरीबुरू में इको टूरिज्म योजनाओं का किया निरीक्षण
गेस्ट हाउस और कैफेटेरिया का निरीक्षण कर मंत्री ने किरीबुरू वन विभाग कार्यालय के नीचे निर्माणाधीन ईको टूरिज्म परियोजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। यहां बन रहे गेस्ट हाउस और कैफेटेरिया जैसी सुविधाओं का उन्होंने बारीकी से जायजा लिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और इसे जल्द से जल्द पर्यटकों के लिए तैयार किया जाए। उनका यह दौरा साफ संकेत देता है कि सरकार केवल घोषणा नहीं, बल्कि धरातल पर काम चाहती है।
निरीक्षण के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने उसी परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म का मतलब केवल पर्यटन नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ संतुलन बनाना भी है।
पर्यटन की हैं अपार संभावनाएं
मौसम का बदला मिजाज, पर्यटन के लिए सकारात्मक संकेत दौरे के दौरान मौसम ने भी दिलचस्प करवट ली। खराब मौसम को देखते हुए मंत्री सेल के मेघालया गेस्ट हाउस पहुंचे। उनके पहुंचते ही क्षेत्र में तेज आंधी और भारी बारिश शुरू हो गई।
बारिश के बाद शाम होते-होते किरीबुरू का मौसम बेहद सुहाना हो गया। भीषण गर्मी के बीच ठंड का एहसास लोगों को राहत दे गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसा मौसम अगर लगातार बना रहा, तो यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बन सकता है। पर्यटन की अपार संभावनाएं, जरूरत ठोस रणनीति की सारंडा जैसे घने जंगल, पहाड़ और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन अब तक बुनियादी सुविधाओं की कमी और योजनाओं के धीमे क्रियान्वयन ने इसकी रफ्तार को रोके रखा है।
मंत्री का यह दौरा संकेत देता है कि सरकार अब इस क्षेत्र को पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में गंभीर है। अगर योजनाएं समय पर पूरी होती हैं, तो सारंडा आने वाले समय में झारखंड का प्रमुख ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन बन सकता है।

