
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड स्थित नकटी पंचायत के कोंकवां गांव में रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर आयोजित दो दिवसीय पारंपरिक छऊ नृत्य महोत्सव का शुक्रवार को अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ समापन हुआ। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लेने के लिए भारी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए।
समापन कार्यक्रम में चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। उनके अलावा विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम, बंदगांव प्रखंड विधायक प्रतिनिधि मिथुन गागराई, प्रखंड सचिव सुनील लगुरी, स्थानीय ग्राम प्रधान, आयोजन समिति के सदस्य तथा सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण उपस्थित रहे।
दो दिनों तक चले इस रंगारंग उत्सव में विभिन्न छऊ नृत्य मंडलियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मांदर, ढोल और नगाड़ों की गूंज के बीच रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजे कलाकारों के जीवंत और आकर्षक अभिनय ने उपस्थित जनसमूह का दिल जीत लिया।
छऊ नृत्य हमारी अनमोल धरोहर: सन्नी उरांव
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सन्नी उरांव ने कहा कि छऊ नृत्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारी ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत और मौलिक पहचान का प्रतीक है। इस अमूल्य लोक कला का संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।उन्होंने आगे कहा कि रक्षाबंधन जैसे पवित्र त्यौहार पर इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन गांव में आपसी सद्भाव, एकता और भ्रातृत्व भावना को सुदृढ़ बनाते हैं। ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं को अपनी कला के प्रदर्शन हेतु ऐसा मंच मिलना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे पारंपरिक आयोजनों से हमारी युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से जुड़ सकेगी।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छऊ कलाकारों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया तथा इस सफल आयोजन के लिए पूरी आयोजन समिति की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

