चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू थाना क्षेत्र में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम, चाईबासा की अदालत ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।
2024 में दर्ज हुआ था मामला
किरीबुरू थाना में 9 अप्रैल 2024 को पोक्सो एक्ट 2012 के तहत अभियुक्त दिलीप गुडिया, पिता पियुस गुडिया, निवासी करमपदा, थाना किरीबुरू के विरुद्ध नाबालिग बच्ची के साथ डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया था।
वैज्ञानिक तरीके से जुटाए गए साक्ष्य
अनुसंधान के क्रम में चाईबासा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त दिलीप गुडिया को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। पुलिस ने सभी साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से संग्रह कर न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया।
न्यायालय ने सुनाई सजा
पोक्सो कांड का विचारण चिल्ड्रेन केस संख्या-03/2024 के तहत चला। 6 मई 2026 को अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के न्यायालय ने अभियुक्त दिलीप गुडिया को धारा-4(2) पोक्सो एक्ट में दोषी पाते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
नाबालिगों के खिलाफ अपराध में जीरो टॉलरेंस की नीति- पुलिस अधीक्षक
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध में जीरो टॉलरेंस की नीति है। वैज्ञानिक अनुसंधान और त्वरित ट्रायल से दोषियों को सजा दिलाई जा रही है। इस फैसले से पीड़िता के परिवार को न्याय मिला है और समाज में सख्त संदेश गया है।
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