
Jamshedpur news : टाटा कमिंस के जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों के ग्रेड रिवीजन लंबित होने से असंतोष का माहौल है। यहां 1 अप्रैल 2026 से ग्रेड रिवीजन लंबित है। प्रबंधन यूनियन के बीच कई दौर की वार्ता चली लेकिन मामला ज्यों का त्यों है। टाटा मोटर्स का भी ग्रेड एक अप्रैल 2026 से लंबित था लेकिन वहां समझौता हो गया। और यहां आज तक मामला सिफर रहा है इसे लेकर अब यूनियन का विपक्षी खेमा हल्ला बोलने लगा ह। यूनियन की पूर्व कमेटी के पदाधिकारी ने 2022 में हुए ग्रेड का हवाला देते हुए कहा है कि छह माह पूर्व चार्टर ऑफ़ डिमांड सोपा गया लेकिन आज तक समझौता नहीं हुआ। वह अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिना रहे हैं। बताया दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने वाला समझौता वर्ष 2022 में हुए चार वर्षीय वेतन समझौते को केवल वेतन वृद्धि तक सीमित न मानते हुए इसे कई दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने वाला समझौता बताया है। यूनियन के पूर्व पदाधिकारी का कहना है कि उस समय 4 वर्षों के लिए लगभग 18,000 की वेतन वृद्धि के साथ कई ऐसी सुविधाएं भी हासिल की गईं, जिनका लाभ कर्मचारियों को लंबे समय तक मिलता रहेगा। उनके अनुसार, वर्ष 2022 के समझौते में सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि महंगाई भत्ता (डीए) की दर में बदलाव रही। पिछले लगभग 25 वर्षों से डीए की दर प्रति प्वाइंट 2 थी। यूनियन के प्रयास से पहली बार इसमें 50 पैसे प्रति प्वाइंट की वृद्धि कराई गई। यूनियन नेता का दावा है कि इसका असर चौथे वर्ष (2022-2026) में कर्मचारियों को टाटा मोटर्स के कर्मचारियों की तुलना में लगभग 1,200 प्रतिमाह अधिक लाभ के रूप में मिला और इसका फायदा भविष्य में भी वेतन एवं सेवानिवृत्ति लाभों पर पड़ता रहेगा।
यूनियन ने बताया कि एसोसिएट ग्रोथ प्लान (AGP) के तहत पहले परफॉर्मेंस पे की तीनों वार्षिक वेतन वृद्धि तीसरे वर्ष एक साथ दी जाती थी, जिससे पहले दो वर्षों का लाभ नहीं मिल पाता था। 2022 के समझौते में इसे बदलकर हर वर्ष समय पर इंक्रीमेंट देने की व्यवस्था लागू कराई गई। इससे प्रत्येक कर्मचारी को दो वर्षों में 24,000 का अतिरिक्त लाभ मिला। कर्मचारियों की औसतन 4 से 5 अतिरिक्त छुट्टियां प्रतिवर्ष बचने लगीं
अवकाश नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया। पहले ईएल, एसएल और सीएल के पहले या बाद में ड्यूटी करना अनिवार्य था, अन्यथा साप्ताहिक अवकाश, पेड हॉलिडे और राष्ट्रीय अवकाश भी छुट्टी में समायोजित हो जाते थे। नए प्रावधान में 52 साप्ताहिक अवकाश और 9 पेड/राष्ट्रीय अवकाश को इससे बाहर रखा गया, जिससे कर्मचारियों की औसतन 4 से 5 अतिरिक्त छुट्टियां प्रतिवर्ष बचने लगीं।
लॉन्ग सर्विस अवार्ड में भी संशोधन किया गया। पहले 25 वर्ष की सेवा पर 2,500 दिए जाते थे। अब 25 वर्ष पर 60 ग्राम चांदी, 30 वर्ष पर 70 ग्राम चांदी तथा पहली बार 35 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों के लिए 80 ग्राम चांदी देने का प्रावधान किया गया।
बताया है कि टाटा ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस में नियुक्ति के लिए टाटा कमिंस कर्मचारियों के आश्रितों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी समझौते में शामिल कराया गया। इसके तहत पहले वर्ष में चार कर्मचारियों के बच्चों को नियुक्ति मिली। कुछ मामलों में 52 से 53 लाख तक के मेडिकल खर्च की स्वीकृति भी दिलाई
मेडिकल सुविधाओं के संबंध में यूनियन का कहना है कि गंभीर बीमारी के इलाज के लिए जमशेदपुर से बाहर रेफर किए गए कर्मचारियों को इलाज का खर्च स्वयं नहीं उठाना पड़ा। प्रबंधन से समन्वय कर सभी पात्र मामलों में भुगतान कराया गया। यूनियन नेता के अनुसार, कुछ मामलों में 52 से 53 लाख तक के मेडिकल खर्च की स्वीकृति भी दिलाई गई।
वर्ष 2025 में यूनियन की पूर्व कमेटी ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि का दावा किया। पहले गंभीर बीमारी की स्थिति में 90 दिनों के सवैतनिक अवकाश की सुविधा केवल प्रबंधकीय अधिकारियों को मिलती थी। यूनियन के प्रयास से यह सुविधा टाटा कमिंस के कर्मचारियों के लिए भी लागू कराई गई, जिससे गंभीर बीमारी की स्थिति में उन्हें भी 90 दिनों का पूर्ण वेतन सहित अवकाश मिल सके। अब यूनियन की वर्तमान कमेटी क्या करा पाती है इस पर सब की नजर टिकी है।

