पटना : बिहार के मुजफ्फरपुर में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 लाख रुपये कीमत की कोरियाई सिगरेट जब्त की है। यह कार्रवाई मुजफ्फरपुर के गायघाट स्थित मैठी टोल प्लाजा पर की गई, जहां एक कंटेनर से भारी मात्रा में विदेशी सिगरेट पकड़ी गई। यह सिगरेट कोरिया में बनाई गई थी और इसकी तस्करी की जा रही थी। DRI की टीम ने इस तस्करी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।
कैसे हुई तस्करी की कोशिश
DRI द्वारा की गई इस कार्रवाई में पकड़ी गई सिगरेट की खेप को विदेश से गुवाहाटी लाया गया था, फिर दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में भेजने की योजना बनाई गई थी। तस्करों ने सिगरेट को कंटेनर में छिपाकर भेजने की कोशिश की थी। कंटेनर में कोरियाई ब्रांड की Esse Light सिगरेट समेत विभिन्न प्रकार की सिगरेट छिपाई गई थी। इन्हें कंटेनर के तहखाने में छिपाया गया था और ऊपर से बांस रखकर उसे ढकने की कोशिश की गई थी, ताकि यह अधिकारियों की नजरों से बच सके।
पहले भी हुईं थीं बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब DRI ने मुजफ्फरपुर में विदेशी सिगरेट की तस्करी का पर्दाफाश किया है। इस साल में यह सातवीं बार है, जब डीआरआई ने इस तरह की कार्रवाई की है। इससे पहले भी, गायघाट के मैठी टोल प्लाजा पर विदेशी सिगरेट की कई खेप पकड़ी जा चुकी है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये में थी। हाल ही में, डीआरआई ने एक और कार्रवाई करते हुए दक्षिण कोरिया से बनी सिगरेट की खेप पकड़ी थी, जिसकी कीमत 1 करोड़ 30 लाख रुपये थी। उस मामले में बरेली के एक ट्रक चालक को गिरफ्तार किया गया था।
कौन कर रहा था सिगरेट की तस्करी
डीआरआई के अधिकारियों के अनुसार, यह सिगरेट तस्करी एक पुराने सिंडिकेट द्वारा की जा रही थी, जो दिल्ली के सट्टा बाजार में इन विदेशी सिगरेट की खेप को खपाता था। सट्टा बाजार में इन सिगरेटों की मांग बहुत अधिक थी और वहां इन्हें तस्करी के जरिए भेजने से तस्करों को इस पर कई गुना मुनाफा हो रहा था। इस तस्करी की सिगरेट की कीमत वास्तविक मूल्य से तीन गुना अधिक मिल रही थी, जिससे तस्करों को भारी मुनाफा हो रहा था।
तस्करी का बढ़ता मामला
हाल के वर्षों में बिहार में विदेशी सिगरेट की तस्करी के मामले लगातार बढ़े हैं। विशेष रूप से मुजफ्फरपुर का मैठी टोल प्लाजा तस्करों के लिए एक प्रमुख मार्ग बन चुका है, जहां से विदेशी सिगरेट की खेप को आसानी से निकाला जाता है। डीआरआई की टीम ने अब तक इस तस्करी की कई बड़ी खेपों को पकड़ा है, लेकिन तस्करों के नेटवर्क का फैलाव इतना व्यापक है कि लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं।
आगे की कार्रवाई
इस तस्करी मामले में DRI द्वारा कार्रवाई जारी रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के इस सिंडिकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश करने के लिए और कड़ी जांच की जाएगी। इसके साथ ही, तस्करों के नेटवर्क का पता लगाने के लिए और भी गिरफ्तारियां की जा सकती हैं। DRI ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे ऐसे तस्करी के मामलों के बारे में जानकारी मिलने पर तुरंत अधिकारियों को सूचित करें, ताकि इस तरह के अपराधों को रोका जा सके।
Read Also- Exclusive… चोरों के लिए सेफ जोन बना झारखंड, 10 माह में सामने आए 10399 केस

