HAZARIBAGH (JHARKHAND): हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में स्थापित बीजेपी विधायक प्रदीप प्रसाद के ‘संजीवनी सेवा कुटीर’ को बुधवार को प्रशासन ने हटा दिया। इसे अवैध अतिक्रमण करार देते हुए प्रशासन ने पहले 10 दिन की मोहलत दी थी, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद कार्रवाई की गई। एक घंटे की इस कार्रवाई के दौरान विधायक समर्थकों ने विरोध भी किया।
‘संजीवनी सेवा कुटीर’ को 4 जनवरी 2025 को विधायक प्रदीप प्रसाद के जन्मदिन पर शुरू किया गया था। विधायक और बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि यह कुटीर मरीजों और उनके परिजनों की मदद के लिए एक हेल्प डेस्क के रूप में कार्य कर रहा था।
हालांकि स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अस्पताल परिसर में इसे भाजपा का अनौपचारिक कार्यालय बना दिया गया था, जहां कार्यकर्ताओं की बैठकों के दौरान नशा किया जाता था। इससे अस्पताल का माहौल खराब हो रहा था. डॉक्टरों, मरीजों व परिजनों में भय का माहौल था।
मंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि यह स्पष्ट रूप से सरकारी संपत्ति पर अतिक्रमण था और स्वास्थ्य व्यवस्था में राजनीति कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने हजारीबाग प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई कर अस्पताल परिसर को भयमुक्त किया गया। मंत्री के आरोपों के अनुसार, कुटीर की आड़ में कुछ लोग इलाज के लिए आए मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजने और कमीशनखोरी में लगे थे। प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद अब इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगा है।

