
पलामू : जब भी ऐसा लगता है कि नक्सली वारदातें खत्म हो गई हैं या खत्म होने की कगार पर हैं, किसी न किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर नक्सली अपनी मौजूदगी का अहसास करा दे रहे हैं। ताजा घटना पलामू जिला के हुसैनाबाद-छतरपुर थाना के सीमा क्षेत्र में हुई है। यहां नक्सलियों ने पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण कार्य में लगे आठ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इतना ही नहीं, निर्माण कार्य करा रहे मुंशी विजय यादव की जमकर पिटाई भी कर दी।
दो वर्ष के दौरान सबसे बड़ी घटना, 20 की संख्या में थे नक्सली
दो वर्ष के बीच नक्सलियों की यह सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। बताया जाता है कि नक्सलियों की संख्या बीस के आस पास थी। इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। विभिन्न निर्माण कार्यों से जुड़े लोग सहम गए हैं। जपला- छतरपुर मुख्य पथ के महुदंड मोड़ से महुदंड गांव तक पीएमजीएसवाई से कालीकरण पथ का निर्माण कार्य सुचारू रूप से चल रहा था।
माओवादियों का हाथ होने की चर्चा
घटना में माओवादियों का हाथ होने की बात बताई जा रही है। बुधवार की देर शाम अचानक करीब बीस हथियारबंद नक्सलियों का दस्ता कार्यस्थल पर पहुंच गया। नक्सलियों ने एक- एक कर वहां के सभी आठ वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसमें चार हाईवा, एक ग्रेडर, एक रोलर, एक ट्रैक्टर और एक बाइक शामिल है। जानकारी के मुताबिक निर्माण कार्य बिहार के गया जिला के आदर्श कंस्ट्रक्शन के द्वारा किया जा रहा है।
नक्सलियों की शरणस्थली माना जाता है यह इलाका
जहां निर्माण कार्य चल रहा है, वह पलामू के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र का सुदूरवर्ती इलाका है। इस इलाके को उग्रवादियों की शरणस्थली के रूप में जाना जाता था। हालांकि महुदंड में पुलिस पिकेट भी स्थापित है। पुलिस पिकेट बनने के बाद से नक्सली गतिविधियों पर लगाम लग चुकी थी। गुरुवार की सुबह दलबल के साथ पहुंचे पलामू पुलिस अधीक्षक रिष्मा रमेशन व हुसैनाबाद एसडीपीओ पूज्य प्रकाश ने घटना की पूरी जानकारी ली। पुलिस ने मीडिया को घटनास्थल पर जाने से रोक दिया। बुधवार की घटना से महुडंड पंचायत समेत आस पास के क्षेत्र के ग्रामीण काफी दशहत में है। वरीय पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मुंशी विजय यादव से पूरी जानकारी ली।

