
धनबाद : कोल इंडिया और आर्सेलर मित्तल ने मिलकर कोयले से सिंथेटिक गैस (Syngas) बनाने का फैसला किया है। इसके लिए दोनों दिग्गज कंपनियों ने 12 अगस्त को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
क्या है योजना?
इस योजना के तहत ओडिशा के पारादीप स्थित एएमएनएस पैलेट प्लांट के पास एक नया ‘कोल गैसीकरण प्लांट’ लगाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। इस नई तकनीक के जरिए कोयले को ‘सिंथेटिक गैस’ में बदला जाएगा, जिसका इस्तेमाल कई तरह के उद्योगों और कारखानों में ईंधन के रूप में किया जा सकता है। पर्यावरण का ध्यान: इस प्रोजेक्ट में कार्बन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे निकलने वाले कार्बन डाइऑक्साइड को रोककर उसका सही इस्तेमाल किया जा सके और प्रदूषण न फैले।
रिपोर्ट तैयार होने के बाद तय होगी रूपरेखा
कंपनी सबसे पहले इस प्रोजेक्ट की तकनीकी और आर्थिक रूप से जांच-परख करेगी। यह अध्ययन पूरा होने और रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही प्लांट के निर्माण की अगली रूपरेखा तय की जाएगी।

