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Chatara News: चतरा में हाईवा छोड़ो आंदोलन से CCL को हर दिन 100 करोड़ की चपत, परिवहन पूरी तरह ठप

by Kanchan Kumar
Chatara Hiwa Chhodo Andolan
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​चतरा : टंडवा-केरेडारी इलाके में जारी हाईवा छोड़ो आंदोलन की वजह से कोयला और फ्लाई ऐश की ढुलाई पूरी तरह से ठप हो गई है। 9 अगस्त से जारी इस चक्का जाम से कोल कंपनियों को करारा झटका लगा है। अकेले सीसीएल को हर दिन करीब 100 करोड़ रुपये का घाटा सहना पड़ रहा है, वहीं कई मालगाड़ियां साइडिंग पर ही खड़ी हैं।

​स्थानीय लोगों की नाराजगी के कारण

​सड़क सुरक्षा और हादसे : आंदोलन की अगुवाई कर रहे झामुमो नेता मनोज चंद्रा के मुताबिक, बीते 10 सालों में कोयला गाड़ियों की चपेट में आने से करीब 1,500 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

​कमर्शियल रोड की मांग

लोगों की मांग है कि सीसीएल कोयला ढोने के लिए आम रास्तों का इस्तेमाल बंद करे और अलग से कमर्शियल रोड बनाए।

​नियमों का पालन

पकरी बरवाडीह से हजारीबाग-सिमरिया वाले रूट पर कोयले की ढुलाई रोकने, टिप-ट्रेलर से फ्लाई ऐश न ढोने और मोटर व्हीकल एक्ट का कड़ाई से पालन कराने की मांग की जा रही है। ​राजनीतिक समर्थन: इस आंदोलन को झामुमो, कांग्रेस और राजद समेत कई राजनीतिक दलों का स्थानीय स्तर पर पूरा साथ मिल रहा है।

​14 अगस्त को महामंथन

​मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। टंडवा अंचल कार्यालय में 14 अगस्त को सुबह 11 बजे एक बड़ी बैठक बुलाई गई है। ​इस बैठक में आंदोलनकारियों और जिला परिवहन अधिकारी के अलावा एनटीपीसी, सीसीएल के बड़े अफसर, ट्रांसपोर्टर्स, स्थानीय जनप्रतिनिधि और पुलिस प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। प्रशासन का मकसद सभी पक्षों से बात करके बीच का रास्ता निकालना है। अगर इस बैठक में बात बन जाती है, तो ठप पड़ा कोयला परिवहन एक बार फिर से पटरी पर लौट सकेगा।

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