
रांची : झारखंड सचिवालय सेवा संघ की आमसभा रविवार को रांची में संपन्न हुई। संघ के अनुसार, बैठक में 800 से अधिक अधिकारियों ने भाग लिया। आमसभा में कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के वर्तमान सचिव के कार्यकलापों तथा सचिवालय सेवा से जुड़े मामलों में अपनाए जा रहे रवैये पर नाराजगी जताई गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि विभाग के हालिया निर्णय सचिवालय सेवा के हितों, पदोन्नति व्यवस्था और अधिकारियों के मनोबल के प्रतिकूल हैं। बैठक में संघ के खातों के ऑडिट के लिए ऑडिटर घोषित करने का अधिकार कार्यकारिणी को दिया गया। साथ ही सदस्यों से 200 रुपये प्रतिमाह अथवा 2400 रुपये वार्षिक सदस्यता शुल्क स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन के माध्यम से लेने, कल्याण कोष नियमावली बनाने तथा स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने वाले कोषाध्यक्ष अवध किशोर भगत का इस्तीफा स्वीकार कर संयुक्त सचिव हेम नारायण सिंह को नया कोषाध्यक्ष नियुक्त करने के प्रस्ताव पारित किए गए।
हड़ताल की रूपरेखा तय करने की पहल
आमसभा में यह भी निर्णय लिया गया कि कार्मिक विभाग एवं सरकार के वर्तमान रुख को देखते हुए सचिवालय सेवा के हितों की रक्षा के लिए चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर हड़ताल की रूपरेखा तय करने के लिए सामान्य परिषद को निर्धारित कोरम की शर्त के साथ अधिकृत किया गया।
संघ ने कहा कि सचिवालय सेवा के अधिकारियों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों, सेवा की गरिमा और कैडर के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। कार्यकारिणी समिति को मुख्यमंत्री, संबंधित मंत्री और मुख्य सचिव से मिलकर स्थिति से अवगत कराने तथा सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह करने का निर्णय लिया गया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और कार्मिक विभाग की होगी।

