
रांची : झारखंड में सिंगापुर से निवेश आकर्षित करने की दिशा में सरकार ने सक्रिय पहल शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सिंगापुर के उच्च अधिकारियों और निवेश एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने तथा संभावित निवेश प्रस्तावों पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। विकास आयुक्त , उद्योग विभाग के अधिकारियों से कहा गया है कि विभागवार संभावित परियोजनाओं की पहचान कर निवेशकों के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि बातचीत जल्द औद्योगिक परियोजनाओं और निवेश में बदल सके।
दरअसल, नई दिल्ली में आयोजित नेशनल स्टेकहोल्डर्स कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त एच.ई. साइमन वोंग विए कुएन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस दौरान लॉजिस्टिक्स, सप्लाई चेन, परिवहन, खनिज आधारित मूल्य संवर्धन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग और निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई थी। बैठक में सिंगापुर की कंपनियों के झारखंड दौरे और संभावित निवेश अवसरों का आकलन करने पर भी सहमति बनी थी।
इसी बैठक के बाद अब राज्य सरकार ने फॉलो-अप कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सिंगापुर के साथ विभागीय स्तर पर समन्वय बढ़ाया जाए, निवेशकों की जरूरतों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार किए जाएं और कंपनियों के प्रस्तावित झारखंड दौरे की रूपरेखा जल्द अंतिम रूप दी जाए।
सरकार का मानना है कि यदि बातचीत निवेश में बदलती है तो उद्योग, रोजगार, आधुनिक आधारभूत संरचना और कौशल विकास के क्षेत्र में झारखंड को बड़ा लाभ मिल सकता है। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

