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JSSC CGL पेपर लीक मामले में गिरिडीह से 7वां ‘मुन्नाभाई’ अरेस्ट, सीआईडी की रिमांड में खुलेंगे सांठगांठ के राज

सीआईडी की तफ्तीश में यह बात साफ हो चुकी है कि परीक्षा में पास कराने वाला यह गिरोह झारखंड के अलग-अलग जिलों से लेकर बिहार तक फैला हुआ था।

by Kanchan Kumar
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​रांची: जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में रिश्वत देकर सफलता का शॉर्टकट अपनाने वाले ‘फर्जी मेधावियों’ पर सीआईडी का चाबुक तेज हो गया है। कथित पेपर लीक और परीक्षा में धांधली की परतें उधेड़ रही जांच एजेंसी ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद से समीर कुमार नाम के एक और सफल अभ्यर्थी को धर दबोचा है। परीक्षा में पास होने के लिए अनुचित रास्ता चुनने वाला समीर इस पूरे फर्जीवाड़े में गिरफ्तार होने वाला सातवां अभ्यर्थी बन गया है।

​धनबाद से बिहार तक फैला फर्जीवाड़े का नेटवर्क

सीआईडी की तफ्तीश में यह बात साफ हो चुकी है कि परीक्षा में पास कराने वाला यह गिरोह झारखंड के अलग-अलग जिलों से लेकर बिहार तक फैला हुआ था। समीर से पहले सीआईडी की गिरफ्त में आए अभ्यर्थियों में धनबाद के डुप्लेक्स सनशाइन अपार्टमेंट का निवासी दीपक कुमार, बोकारो के दुग्दा में रह रहा बिहार (भोजपुर) का उमेश कुमार राय, धनबाद के राजगंज का विजय कुमार तिवारी और धनबाद के सुदामडीह में रह रहा छपरा का आनंद कुमार सिंह शामिल हैं।

​एजेंसी के मास्टरमाइंड के रिश्तेदार भी सलाखों के पीछे

जांच का दायरा सिर्फ अभ्यर्थियों तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी TDPL का रोल भी पूरी तरह कटघरे में है। सीआईडी ने पूर्व में ही अक्षय तिवारी और सुषमा कुमारी को गिरफ्तार किया था। सुषमा कुमारी जेपीएससी मेधा घोटाले के मुख्य सूत्रधार और एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी की पत्नी हैं, जबकि अक्षय उनका भाई है। जेपीएससी और जेएसएससी दोनों की साख से खिलवाड़ करने वाले अभय तिवारी को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

​रिश्वत दी, रट्टा मारा और बने अफसर… अब सीआईडी लेगी रिमांड

1 जनवरी 2025 को सीआईडी थाने में दर्ज कांड संख्या 01/2025 की गहराई से पड़ताल के दौरान जांच टीम को इन सभी अभ्यर्थियों के खिलाफ ठोस और पुख्ता सबूत मिले हैं। सीआईडी के मुताबिक, इन अभ्यर्थियों ने रिश्वत में मोटी रकम देकर दलालों व बिचौलियों के जरिए लीक प्रश्नपत्र हासिल किए और फिर उनके उत्तर रटकर परीक्षा में सफलता पाई थी।

अब सीआईडी इन सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को अदालत से रिमांड पर लेकर आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, जिससे इस नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय माना जा रहा है।

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