
Jamshedpur : पश्चिम बंगाल के आसनसोल शूटिंग रेंज में 25 से 30 अगस्त तक आयोजित 10वीं ईस्ट जोन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में पूर्वी सिंहभूम की अंकिता बोस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने जूनियर महिला 50 मीटर फ्री पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर झारखंड का नाम रोशन किया।
छह राज्यों के बीच आयोजित इस प्री-नेशनल इंडिया शूटिंग प्रतियोगिता में अंकिता बोस झारखंड की एकमात्र स्वर्ण पदक विजेता बनीं। प्रतियोगिता में पुरुष, मास्टर पुरुष, महिला, जूनियर, सीनियर समेत विभिन्न वर्गों में मुकाबले हुए, लेकिन पूरे आयोजन में झारखंड के खाते में अंकिता का स्वर्ण पदक ही इस स्तर पर सबसे बड़ी उपलब्धि के रूप में सामने आया।
30 अगस्त को आयोजित पदक वितरण समारोह में आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, पश्चिम बंगाल के मंत्री अर्जुन सिंह, आसनसोल के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी तथा बिहार के विधायक चेतन आनंद मौजूद रहे। चेतन आनंद स्वयं भी शूटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए।
बिना वित्तीय सहयोग के हासिल की बड़ी उपलब्धि
शूटिंग को खेलों की सबसे खर्चीली श्रेणियों में माना जाता है। ऐसे में किसी बड़े वित्तीय सहयोग के बिना अंकिता बोस का प्री-नेशनल स्तर की प्रतियोगिता तक पहुंचकर स्वर्ण पदक हासिल करना उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रतियोगिता में राज्य के कई प्रतिभागी न्यूनतम क्वालिफाइंग स्कोर (एमक्यूएस) हासिल करने में भी सफल नहीं हो सके। इसके विपरीत अंकिता ने अपने प्रदर्शन के दम पर न केवल क्वालिफिकेशन स्तर पार किया, बल्कि स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
जिला प्रशासन के सहयोग से मिली सफलता
अंकिता की इस सफलता में पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन के समय पर मिले सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग और खेल हथियार उपलब्ध कराए जाने से अंकिता को प्रतियोगिता की तैयारी और प्रतिभागिता में मदद मिली।
अंकिता बोस की इस उपलब्धि से पूर्वी सिंहभूम जिले के साथ-साथ पूरे झारखंड और साउथ ईस्टर्न रेलवे के परिवार का भी नाम गौरवान्वित हुआ है।
चुनौतियों ने बढ़ाया आगे बढ़ने का हौसला
अंकिता की इस सफलता से जुड़े लोगों का कहना है कि लक्ष्य की राह में जितनी बाधाएं सामने आती हैं, वे उतना ही मजबूती से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। ईश्वर के आशीर्वाद और निरंतर मेहनत के साथ देश की सेवा के इस संकल्प को आगे भी जारी रखने की बात कही गई।
अंकिता बोस की यह उपलब्धि झारखंड में शूटिंग खेल के लिए भी प्रेरणादायक है और यह बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।

