
खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले में सोमवार को एक हादसे में दो स्कूली छात्रों की जान चली गई, जबकि सात अन्य छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। तोरपा थाना क्षेत्र के कोटेगसेरा स्थित मौसीबाड़ी के पास लंच अवकाश के दौरान छात्र एक रथ को घुमाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान रथ का ऊपरी हिस्सा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। देखते ही देखते पूरे रथ में करंट दौड़ गया और उसके आसपास मौजूद नौ छात्र इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुट गए हैं।
दो छात्रों की इलाज के दौरान मौत
हादसे में गंभीर रूप से घायल चंदन कुमार (16 वर्ष), निवासी पेट्रोल पंप क्षेत्र, तोरपा और तारकेश्वर महतो (15 वर्ष), निवासी टुराटोली को पहले तोरपा रेफरल अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, खूंटी भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
तोरपा में लंच ब्रेक के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, तोरपा थाना क्षेत्र स्थित श्री हरि प्लस टू स्कूल में सोमवार दोपहर लंच ब्रेक चल रहा था। इसी दौरान कुछ छात्र स्कूल से निकलकर कोटेगसेरा मौसीबाड़ी के पास पहुंचे, जहां एक रथ खड़ा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक छात्र रथ को घुमाने या आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे। तभी रथ का ऊपरी हिस्सा वहां से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया। संपर्क होते ही पूरे रथ में तेज करंट फैल गया और वहां मौजूद छात्र इसकी चपेट में आ गए।
सात घायल छात्रों का अस्पताल में इलाज जारी
हादसे में अरमान आलम (16 वर्ष), सूजय लुहरा (17 वर्ष), नीलय एक्का, पंकज राम (16 वर्ष), रुपेश कुमार, गिरिराज यादव और कमलेश गोप घायल हुए हैं। सभी घायलों का उपचार तोरपा रेफरल अस्पताल में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार सभी घायल छात्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने सभी छात्रों को अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मृत छात्रों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल परिसर में लंबे समय तक गम और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस हर पहलू की कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छात्र लंच ब्रेक के दौरान स्वयं मौसीबाड़ी पहुंचे थे या उन्हें रथ खींचने अथवा धक्का देने के लिए किसी ने बुलाया था। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि रथ हाईटेंशन बिजली लाइन के नीचे कैसे पहुंचा और सुरक्षा संबंधी मानकों का पालन किया गया था या नहीं।
प्रशासन ने घायलों के बेहतर इलाज के दिए निर्देश
जिला प्रशासन ने घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे ने एक बार फिर हाईटेंशन बिजली लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

