
कोडरमा : विधायक डॉ नीरा यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर कोडरमा जिले के छात्र-छात्राओं की चिंता व परेशानी से अवगत कराया। साथ ही कोडरमा के सभी कालेजों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से ही संबद्ध बनाए रखने की मांग दोहराई।
उन्होंने बताया कि कोडरमा के कॉलेजों को नवस्थापित सर जेसी बोस विश्वविद्यालय, गिरिडीह से संबद्ध करने की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन यहां के बच्चों की परेशानी का ख्याल नहीं रखा जा रहा। जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि कोडरमा से हजारीबाग की दूरी लगभग 58 किलोमीटर है, जबकि गिरिडीह की दूरी 120 से 125 किलोमीटर है। ऐसे में विद्यार्थियों पर अधिक समय और पैसा खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के चौथे वर्ष में विश्वविद्यालय स्तर पर अध्ययन और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य है।
बढ़ सकता है ड्रॉपआउट
सुदूर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कहा कि विश्वविद्यालय की दूरी अधिक होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी एवं ड्रॉपआउट की आशंका बढ़ सकती है। डॉ नीरा यादव ने मुख्यमंत्री से छात्रहित में कोडरमा जिले के सभी महाविद्यालयों को पूर्ववत विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अधीन ही रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को भी पत्र सौंपकर आवश्यक पहल करने की मांग की गई है। विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष कोडरमा इंजीनियरिंग कॉलेज तथा सतगावां, मरकच्चो, डोमचांच और चंदवारा में वर्षों से भवन बनकर तैयार डिग्री कॉलेजों को शीघ्र शुरू कराने की मांग भी उठाई। साथ ही जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं एवं अन्य जनसमस्याओं से भी मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
इस दौरान बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव भी उनके साथ थे। विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि कोडरमा जिले के महाविद्यालय वर्ष 1992 से विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से संबद्ध हैं। अब यहां से अलग करने पर छात्र-छात्राओं की परेशानी बढ़ेगी।

