
रांची : जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलनरत छात्रों और राज्य सरकार के बीच शुक्रवार को स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में सरकार की ओर से गठित मंत्रियों के पैनल ने छात्र प्रतिनिधिमंडल की मांगों को सुना। दोनों पक्षों ने बातचीत को सकारात्मक बताया, हालांकि किसी भी प्रमुख मांग पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन और प्रस्तावित मार्च फिलहाल जारी रहेगा।
सरकार की ओर से हुई बैठक में मंत्री चमरा लिंडा, सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह और संजय प्रसाद यादव शामिल रहे। छात्र प्रतिनिधिमंडल ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और अन्य मांगों को विस्तार से रखा।
बैठक के बाद छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा कि यह सरकार के साथ उनकी पहली औपचारिक बैठक थी और बातचीत का माहौल पूरी तरह सकारात्मक रहा। उन्होंने कहा कि सभी मंत्रियों ने परिवार जैसा व्यवहार किया और छात्रों की बातों को गंभीरता से सुना। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेंगे।
कोर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि मंत्रियों ने उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का भरोसा दिया है और जल्द ही दोबारा बैठक होगी।
हालांकि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन मिलता है तो 10 अगस्त को विधानसभा मार्च के कार्यक्रम पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
वहीं, बैठक के बाद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि छात्रों के साथ सकारात्मक वातावरण में बातचीत हुई। सरकार ने उनकी सभी मांगों को गंभीरता से सुना है और उन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि वार्ता के बावजूद किसी ठोस सहमति पर मुहर नहीं लग सकी। इसी कारण छात्र संगठनों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है और फिलहाल 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च की तैयारी भी जारी रहेगी। यदि सरकार की ओर से जल्द सकारात्मक पहल होती है, तभी आगे की रणनीति में बदलाव पर विचार किया जाएगा।

