
रांची : बोकारो से करीब छह साल से लापता किशोरी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि किशोरी के सोशल मीडिया अकाउंट से कुछ अहम सुराग मिले हैं और आगे की जांच के लिए मेटा से डेटा हासिल करना जरूरी है। सीआईडी ने मामले में क्रॉस बॉर्डर कनेक्शन की भी आशंका जताई है।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि सीबीआई के पास राज्य पुलिस की तुलना में अधिक अधिकार और संसाधन हैं। ऐसे में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है। कोर्ट ने सीआईडी को जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की है।
लापता किशोरी का फेसबुक अकाउंट अब भी सक्रिय
सीआईडी ने कोर्ट को बताया कि लापता किशोरी का फेसबुक अकाउंट अब भी सक्रिय है। उससे संबंधित विस्तृत डेटा के लिए मेटा का सहयोग जरूरी है। किशोरी 16 अक्टूबर 2020 से लापता है। मामले में बोकारो के पिंडराजोरा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। जांच के दौरान घटनास्थल के पास से उसकी साइकिल, चप्पल और किताबें बरामद हुई थीं। पुलिस ने मामले को अपहरण का माना था। लंबे समय तक किशोरी का पता नहीं चलने के बाद जांच सीआईडी को सौंपी गई थी।

