
Jamshedpur : मानगो के लापता ऑटो चालक जाकिर आलम का शव बरामद होने के बाद मामले में नया मोड़ सामने आया है। शुरुआती भ्रम के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया कि मंगलवार रात लक्ष्मण नगर छठ घाट के पास सुवर्णरेखा नदी में शव मिलने की सूचना और बुधवार सुबह बिरसानगर थाना क्षेत्र के बारीडीह स्थित मोहरदा नदी से बरामद शव एक ही व्यक्ति का था। लक्ष्मण घाट से बहता हुआ शव बारीडीह पहुंच गया था।
मृतक का नाम मानगो के ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित जाकिर नगर निवासी 34 वर्षीय जाकिर आलम के रूप में हुई है। वह पेशे से ऑटो चालक थे और 2 अगस्त से लापता थे। शव मिलने की सूचना पर बिरसानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुरुवार को परिजनों ने शव की पहचान जाकिर आलम के रूप में की।
परिजनों के मुताबिक, जाकिर आलम पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी, कर्ज के बोझ और पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक तनाव में थे। परिवार का कहना है कि इन्हीं परिस्थितियों से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या जैसा कदम उठाया होगा।
हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है, इसका खुलासा जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
मृतक की पत्नी ने बताया कि जाकिर आलम 2 अगस्त से घर से लापता थे। परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था, लेकिन कई दिनों बाद उनका शव मिलने से पूरे परिवार में शोक का माहौल है।

