
चाईबासा : मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026 के तहत पश्चिमी सिंहभूम जिले में आगामी 24 अगस्त 2026 से प्रारंभ होने वाले सुनवाई अभियान को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के सभी संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, बूथ लेवल पदाधिकारी, सुपरवाइजर सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने आगामी सुनवाई अभियान की तैयारियों, नोटिस प्राप्त मतदाताओं की प्रक्रिया, दस्तावेजों के सत्यापन तथा सुनवाई के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण एक महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार को सुरक्षित रखना है।
24 अगस्त से पंचायत सचिवालय एवं मतदान केंद्रों पर होगी सुनवाई
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 24 अगस्त 2026 से जिले के विभिन्न पंचायत सचिवालयों एवं मतदान केंद्रों पर सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत निर्धारित स्तर पर मतदाताओं की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए जिले में 5 निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 20 सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी तथा 10 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी के स्तर पर आवश्यक व्यवस्था की गई है। सुनवाई के दौरान नोटिस प्राप्त मतदाताओं को निर्धारित स्थान एवं समय पर उपस्थित होकर संबंधित पदाधिकारी के समक्ष आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। संबंधित पदाधिकारियों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों एवं उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर मामले की नियमानुसार जांच एवं सुनवाई की जाएगी।
2.77 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस किया जाना है निर्गत
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि जिले में कुल 2,77,829 मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जाना है, जिसके विरुद्ध अब तक 28,692 मतदाताओं को नोटिस निर्गत किया जा चुका है। ये मतदाता मुख्य रूप से नो-मैपिंग अथवा मतदाता सूची में दर्ज प्रविष्टियों में पाई गई विसंगतियों के आधार पर चिन्हित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नोटिस प्राप्त होना किसी भी मतदाता के मताधिकार के समाप्त होने का संकेत नहीं है। नोटिस जारी करने का उद्देश्य संबंधित मतदाता को अपनी पात्रता एवं विवरण के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करना है। इसलिए किसी भी मतदाता को नोटिस मिलने पर घबराने अथवा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।
12 सूचीबद्ध दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं मतदाता
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत नोटिस प्राप्त मतदाता सुनवाई के दौरान सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से कोई एक दस्तावेज संबंधित पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। दस्तावेज के सत्यापन एवं नियमानुसार सुनवाई के उपरांत संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सुनवाई के लिए मान्य 12 प्रमुख दस्तावेज
1. किसी केंद्रीय सरकार/राज्य सरकार/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के नियमित कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी को जारी कोई पहचान पत्र/पेंशन भुगतान आदेश।
2. 01 जुलाई 1987 से पूर्व सरकार/स्थानीय प्राधिकारियों/बैंक/डाकघर/एलआईसी/सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा भारत में जारी कोई पहचान पत्र/प्रमाणपत्र/दस्तावेज।
3. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण-पत्र।
4. पासपोर्ट।
5. मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन/शैक्षणिक प्रमाण-पत्र।
6. सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण-पत्र।
7. वन अधिकार प्रमाण-पत्र।
8. सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी/एससी/एसटी जाति प्रमाण-पत्र।
9. राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां भी मौजूद हो)।
10. राज्य/स्थानीय प्राधिकारियों द्वारा तैयार परिवार रजिस्टर।
11. सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन प्रमाण-पत्र।
12. पिछले एसआईआर की प्रति
आधार कार्ड को लेकर जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने किया स्पष्ट
बैठक के दौरान जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि आधार कार्ड भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सूचीबद्ध इन 12 दस्तावेजों में शामिल नहीं है। इसलिए नोटिस प्राप्त मतदाता यदि सुनवाई के लिए आधार कार्ड के साथ उपस्थित होते हैं, तो उन्हें उपरोक्त सूची में शामिल कोई एक वैध एवं निर्धारित दस्तावेज भी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि इस संबंध में मतदाताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे और सभी स्तरों पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि पात्र मतदाताओं को सुनवाई की प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
अफवाहों पर ध्यान नहीं दें, आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
जिला निर्वाचन कार्यालय ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे मतदाता सूची विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर प्रसारित होने वाली किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक सूचना अथवा अपुष्ट संदेश पर ध्यान न दें। यदि किसी मतदाता को नोटिस प्राप्त होता है तो वह नोटिस में दिए गए निर्देशों के अनुसार निर्धारित तिथि एवं स्थान पर संबंधित पदाधिकारी के समक्ष स्वयं उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करें। जिला निर्वाचन कार्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सुनवाई अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को प्रक्रिया से बाहर करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची में दर्ज विवरण एवं पात्रता से संबंधित मामलों की निष्पक्ष एवं नियमानुसार जांच करना है। प्रत्येक पात्र मतदाता को अपनी बात रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।
पदाधिकारियों को व्यापक स्तर पर जागरूकता का निर्देश
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ, सुपरवाइजर एवं संबंधित कर्मियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में मतदाताओं को सुनवाई कार्यक्रम की तिथि, स्थान एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं। विशेष रूप से नोटिस प्राप्त मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें यह समझाया जाए कि उन्हें किसी प्रकार से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी बात रखने का पूरा अवसर उपलब्ध है। उन्होंने निर्वाचन कार्य से जुड़े सभी कर्मियों से कहा कि सुनवाई की प्रक्रिया में निष्पक्षता, पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं निर्धारित नियमों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो और प्रक्रिया से संबंधित सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मताधिकार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है जिला निर्वाचन कार्यालय
जिला निर्वाचन कार्यालय ने पुनः जिले के सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा है कि यदि उन्हें सुनवाई हेतु नोटिस प्राप्त होता है तो वे घबराएं नहीं। नोटिस के साथ दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और निर्धारित तिथि एवं स्थान पर सूचीबद्ध 12 दस्तावेजों में से कोई एक आवश्यक दस्तावेज लेकर संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी अथवा अधिकृत पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित हों। जिला निर्वाचन कार्यालय ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे जागरूक रहें, आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें और नोटिस प्राप्त होने की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर सुनवाई में भाग लें।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिला निर्वाचन कार्यालय जिले के सभी पात्र मतदाताओं के मताधिकार को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने मतदाताओं से निर्वाचन प्रक्रिया में सहयोग करने, निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने तथा किसी भी प्रकार की अफवाह से प्रभावित न होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती में प्रत्येक मतदाता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और अद्यतन बनाए रखने की प्रक्रिया में सभी नागरिकों की सहभागिता आवश्यक है। सुनवाई अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके माध्यम से संबंधित मतदाताओं को अपनी पात्रता के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

