
RANCHI (JHARKHAND) : लीवर स्पेशलिस्ट कोलकाता के डॉ प्रवीण कुमार ने रविवार को सदर हॉस्पिटल रांची के ओपीडी नंबर 2 में फैटी लीवर के मरीजों को सलाह दी। इस दौरान उन्होंने मरीजों को देखने के बाद कुछ जांच व खानपान पर ध्यान देने की सलाह दी। पहले दिन केवल 3 मरीज ही इलाज के लिए पहुंचे थे। सिविल सर्जन डॉ प्रभात ने बताया कि वह लीवर, पैंक्रियाज और बिलियरी सिस्टम के स्पेशलिस्ट है। अधिकांश लीवर की बीमारियां जो प्रापर ट्रीटमेंट से घर पर ही ठीक हो सकती है। एडवाइस लेंगे तो इलाज से छोटी-मोटी समस्याएं खत्म हो जाएगी। बता दें कि रविवार को पहली बार लीवर ओपीडी की शुरुआत की गई है। वहीं हर संडे को ओपीडी में लीवर के मरीज डॉक्टर से सलाह ले सकते है।
फेल्योर वाले मरीजों का इलाज
सिविल सर्जन ने कहा कि 10-20 परसेंट मरीज एक्यूट आन क्रोनिक लेवल फेल्योर वाले होते है। इनके लिए तो आईसीयू में इलाज की व्यवस्था की जाती है। हमारे सदर में इसकी तैयारी है। फैटी लीवर मुक्त जिला बनाने के लिए विभाग काम कर रहा है। चूंकि छोटे बच्चों में भी फैटी लीवर की समस्या देखी जा रही है। वे मोबाइल में बिजी रह रहे है। खानपान भी बदल गया है। बच्चों को भी फैटी लीवर से बचाव के लिए सभी को जागरूक होना होगा।
स्कूलों के साथ चला रहे अभियान
सिविल सर्जन डॉक्टर प्रभात ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ भी संवाद किया गया था। जिसमें उन्हें बच्चों को जागरूक करने को लेकर भी सुझाव दिए गए थे। चूंकि रांची व आसपास के जिलों में फैटी लीवर की चपेट में अब बच्चे भी है। बाहर का खानपान और फिजिकल एक्टिविटी का नहीं होना उन्हें बीमार बना रहा है।
हर संडे को होगा ओपीडी
प्रत्येक संडे को कोलकाता से लीवर स्पेशलिस्ट डॉ प्रवीण ओपीडी नंबर 2 में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परामर्श देंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी। हॉस्पिटल का रजिस्ट्रेशन कराकर कोई भी डॉक्टर को दिखा सकता है।
फैटी लीवर मुक्त करने का लक्ष्य
सिविल सर्जन ने ये भी बताया कि लीवर स्पेशलिस्ट डॉ प्रवीण को फैटी लीवर मुक्त रांची के लिए सलाहकार के रूप में भी जिम्मेवारी दी गई है। फिलहाल सुबह 9 बजे से 11.30बजे तक वह ओपीडी में लोगों को सलाह देंगे। वहीं जरूरत पड़ने पर ये समय बढ़ाया जाएगा। डॉ प्रवीण लीवर के अलावा पैंक्रियाज और बिलिअरी सिस्टम की बीमारियों का इलाज भी करेंगे।

