
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़पोस गांव में बीते 25 सितंबर की रात एक ग्रामीण की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गहरा गया है। इस घटना को लेकर ग्राम सभा ने हत्या की आशंका जताते हुए उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पेसा कानून के तहत 27 सितंबर को बड़पोस बीच टोला स्थित बरगद पेड़ के नीचे एक विशेष ग्राम सभा बुलाई गई। इस बैठक में गांव के करीब 193 ग्रामीण उपस्थित हुए। बैठक का मुख्य विषय सदानंद महतो के पुत्र अवधेश महतो की मौत पर उठ रहे सवालों पर चर्चा करना था।
उपायुक्त को सौंपा निष्पक्ष जांच के लिए लिखित आवेदन
ग्रामीणों का स्पष्ट तर्क है कि प्रशासन और शुरुआती सूचनाओं में भले ही इसे आत्महत्या का रूप दिया जा रहा हो, लेकिन शव और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें यह पूरी तरह सोची-समझी हत्या लग रही है। ग्राम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर जिला उपायुक्त को एक लिखित आवेदन सौंपा है।
आंगनबाड़ी सेविका पत्नी पर आरोप
ग्राम सभा ने आवेदन में मृतक की पत्नी पिंकी महतो जो स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका के पद पर कार्यरत हैं, उन पर इस हत्या की साजिश में लिप्त होने का गंभीर संदेह व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच पूरी होने तक पिंकी महतो को सेविका पद से हटाया जाए और आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए जाएं।
जांच के बाद ही सिद्ध होगा आरोप
हालांकि, यह ग्राम सभा द्वारा लगाया गया आरोप है, जिसकी पुष्टि पुलिस अनुसंधान के बाद ही हो पाएगी। ग्राम सभा ने पारित प्रस्ताव की प्रतिलिपि स्थानीय मनोहरपुर थाना को भी सौंपी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए तथा की गई कार्रवाई से ग्राम सभा को भी अवगत कराया जाए।
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