
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में रविवार को उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक हुई। बैठक में 5 अगस्त से शुरू होने वाली दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया को सफलतापूर्वक चलाने और मतदाता सूची को पूरी तरह सही व पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई।
5 अगस्त को जारी होगा प्रारूप, 4 सितंबर तक मिलेगा मौका
बैठक में उपायुक्त ने बताया कि 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर तक नागरिक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इस अवधि में पात्र लोग अपना नाम जुड़वा सकेंगे, नाम-उम्र-पते जैसी त्रुटियों में सुधार करा सकेंगे और अपात्र नाम हटवाने के लिए आवेदन दे सकेंगे। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने स्तर पर मतदाता सूची का बारीकी से अवलोकन करें और तय समय सीमा के अंदर जरूरी दावा-आपत्ति जमा करें।
दस्तावेजों के आधार पर होगा सत्यापन
जानकारी दी गई कि अन-मैप्ड और तार्किक विसंगति वाले मामलों में संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजकर जरूरी कागजात मांगे जाएंगे। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पहचान, स्व-घोषणा, जन्मतिथि और सामान्य निवास का सत्यापन निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी द्वारा किया जाएगा।
उपायुक्त ने साफ किया कि निर्वाचन आयोग का मकसद है कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से छूटे नहीं और कोई भी विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमों के अनुसार चलाया जाएगा।
आयोजित होंगे विशेष कैंप और घर-घर सत्यापन
बैठक में बताया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत विशेष कैंप, ग्राम सभाएं और घर-घर जाकर सत्यापन अभियान भी चलाया जाएगा। उपायुक्त ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मतदाता जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय सहयोग करने का अनुरोध किया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया से जुड़ें और अपनी जानकारी अपडेट कर सकें।

